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हरियाणा का नसबंदी कांड, कई पर गिरेगी गाज

Sat, 15 Nov 2014 05:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महेंद्रगढ़(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, महेंद्रगढ़(हरियाणा) Updated Sat, 15 Nov 2014 05:13 PM IST
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 Sterilization scandal in haryana, investigation by health department

सामान्य अस्पताल में लगाए गए नसबंदी कैंप के दौरान 60 महिलाओं को इंजेक्शन देने और 30 के ऑपरेशन (नलबंदी) करने और जमीन पर लेटाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला हरियाणा के महेंद्रगढ़ की है। सबसे पहले स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। जांच के नाम से ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं। जांच में कई कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना है बृहस्पतिवार को अस्पताल में नसबंदी के आपरेशन होने थे। इसके लिए 110 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि 60 महिलाओं को इंजेक्शन दिया गया।
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ऐसे में सर्जन डा. सुदर्शन पंवार ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए केवल 30 महिलाओं के ही आपरेशन किए और इसके बाद मना कर दिया। इसके साथ ही आपरेशन के बाद महिलाओं को खेल मैदान में दरी बिछाकर जमीन पर ही लेटा दिया गया। आपरेशन नहीं होने और इंजेक्शन देने पर महिलाओं ने अस्पताल में हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही व अनदेखी का आरोप लगाया था।
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मामले में बरती गई लापरवाही को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता के साथ उठाया। समाचार पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने महेंद्रगढ़ जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को फोन पर तलब किया और पूरे मामले की जांच की बात कही। आनन- फानन में एसएमओ ने महेंद्रगढ़ अस्पताल में तैनात स्टाफ से मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

आखिर किसकी थी जिम्मेदारी

 Sterilization scandal in haryana, investigation by health department

महिलाओं को इंजेक्शन देने की जिम्मेदारी एलडीएच (लेडी हेल्थ वीजिटर) की है। पर एलडीएच का अपना तर्क है कि इससे पहले 60 महिलाओं के आपरेशन होते रहे हैं।

बड़ी बात यह है कि न तो महेंद्रगढ़ अस्पताल की ओर से किसी ने भी सर्जन से इस बारे में बात की और न ही डाक्टर ने कितनी महिलाओं को इंजेक्शन देना के बारे में किसी सदस्य से बात की। आपस में बात नहीं होने के कारण महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सभी एक दूसरे पर दोष डाल रहे हैं। अब जांच में पता चलेगा कि आखिर पूरे मामले में दोष किसका है?
 
मांगा है स्पष्टीकरण : डा. रोहिला
एसएमओ डा. अश्वनी रोहिला ने बताया कि 60 महिलाओं को इंजेक्शन देने के मामले में स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसकी भी गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्षता के साथ मामले की जांच होगी। महिलाओं को जमीन पर परिजनों के कहने पर ही लेटाया गया था। महिलाओं को प्री मेडिकेशन (सर्जरी से पहले दिया जाने वाला इंजेक्शन) इंजेक्शन दिया गया था।

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