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विश्व एड्स दिवस: कोरोना काल में भी एचआईवी संक्रमित 14 महिलाओं की कराई सुरक्षित डिलीवरी, स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने नहीं रुकने दिया अभियान
Wed, 01 Dec 2021 11:42 AM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:42 AM IST
सार
स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही स्क्रीनिंग को जारी रखना है।
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विश्व एड्स दिवस।
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
कोरोना काल में जब अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का इलाज बाधित था, उस दौर में भी एचआईवी संक्रमित मरीजों तक उनकी दवा बिना रुकावट के पहुंचती रही। उनका इलाज किसी भी स्तर पर बाधित नहीं हुआ। इसका परिणाम यह रहा कि चंडीगढ़ की एचआईवी पॉजिटिव 14 गर्भवतियों ने सुरक्षित बच्चों को जन्म दिया। यानी उनका संक्रमण उनके गर्भ में पल रहे बच्चों तक नहीं पहुंच सका।
स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही स्क्रीनिंग को जारी रखना है। इन दोनों लक्ष्यों को पूरा करने का क्रम कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी थमने नहीं दिया गया। इस क्रम को बाधा रहित संचालित करने के लिए सोसाइटी ने 15 दिन के बजाय अपने मरीजों को तीन महीने की दवा देना शुरू किया है, जिससे काफी लाभ मिल रहा है।
95 प्रतिशत स्क्रीनिंग का पूरा किया लक्ष्य
एचआईवी से बचाव के लिए काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने स्क्रीनिंग का काम जारी रखा। नतीजन 2019-20 में डब्ल्यूएचओ की ओर से दिए 95 प्रतिशत स्क्रीनिंग के लक्ष्य से ज्यादा जांच कर रिकार्ड कायम किया है। वहीं 2020-21 में भी आधे से ज्यादा लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। सोसाइटी ने अब तक 51000 लोगों की एचआईवी जांच कर ली है। विशेषज्ञों के अनुसार इस संक्रमण से बचाव के लिए स्क्रीनिंग ही सबसे बड़ा उपाय है।
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83 कोरियर और 65 ग्रुप के जरिए दवाइयां पहुंचाईं
महामारी के कारण जिस समय नॉन-कोविड मरीजों के इलाज की सुविधा पूरी तरह बंद थी, उस समय भी एचआईवी पॉजिटिव मरीजों तक बिना रुकावट के दवाइयां पहुंच रही थीं। सोसाइटी ने इसके लिए कोरियर सेवा और ग्रुप को माध्यम बनाया। उस दौरान नेपाल तक के मरीजों को कोरियर के जरिए दवा पहुंचाई गई। वहीं ग्रुप के जरिए एक ही स्थान के अन्य मरीजों का डाटा एकत्रित करके एक मरीज के जरिए बाकी सभी तक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। सोसाइटी की रिपोर्ट के अनुसार उस दौरान 83 कोरियर किए गए, जबकि 65 ग्रुप के माध्यम से सैकड़ों मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई।
एक नजर आंकड़ों पर
वर्ष संक्रमित मिले
2019-20 280
2020-21 231
2019-20 में 29 संक्रमित महिलाओं की और 2020-21 में 14 संक्रमित महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी हुई। इसके साथ ही 2021 मार्च से अब तक 6 संक्रमित गर्भवती महिलाओं का इलाज शुरू किया गया है।
12 एनजीओ कर रहे सहयोग
कोविड के दौरान भी सोसाइटी ने पॉजिटिव लोगों का इलाज बाधित नहीं होने दिया। संक्रमित गर्भवती महिलाओं के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न होने का ही परिणाम है कि उन माताओं के गर्भ में पल रहे बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराकर उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सका। -डॉ. अमनदीप कंग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी
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स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही स्क्रीनिंग को जारी रखना है। इन दोनों लक्ष्यों को पूरा करने का क्रम कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी थमने नहीं दिया गया। इस क्रम को बाधा रहित संचालित करने के लिए सोसाइटी ने 15 दिन के बजाय अपने मरीजों को तीन महीने की दवा देना शुरू किया है, जिससे काफी लाभ मिल रहा है।
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95 प्रतिशत स्क्रीनिंग का पूरा किया लक्ष्य
एचआईवी से बचाव के लिए काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने स्क्रीनिंग का काम जारी रखा। नतीजन 2019-20 में डब्ल्यूएचओ की ओर से दिए 95 प्रतिशत स्क्रीनिंग के लक्ष्य से ज्यादा जांच कर रिकार्ड कायम किया है। वहीं 2020-21 में भी आधे से ज्यादा लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। सोसाइटी ने अब तक 51000 लोगों की एचआईवी जांच कर ली है। विशेषज्ञों के अनुसार इस संक्रमण से बचाव के लिए स्क्रीनिंग ही सबसे बड़ा उपाय है।
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83 कोरियर और 65 ग्रुप के जरिए दवाइयां पहुंचाईं
महामारी के कारण जिस समय नॉन-कोविड मरीजों के इलाज की सुविधा पूरी तरह बंद थी, उस समय भी एचआईवी पॉजिटिव मरीजों तक बिना रुकावट के दवाइयां पहुंच रही थीं। सोसाइटी ने इसके लिए कोरियर सेवा और ग्रुप को माध्यम बनाया। उस दौरान नेपाल तक के मरीजों को कोरियर के जरिए दवा पहुंचाई गई। वहीं ग्रुप के जरिए एक ही स्थान के अन्य मरीजों का डाटा एकत्रित करके एक मरीज के जरिए बाकी सभी तक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। सोसाइटी की रिपोर्ट के अनुसार उस दौरान 83 कोरियर किए गए, जबकि 65 ग्रुप के माध्यम से सैकड़ों मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई।
एक नजर आंकड़ों पर
वर्ष संक्रमित मिले
2019-20 280
2020-21 231
2019-20 में 29 संक्रमित महिलाओं की और 2020-21 में 14 संक्रमित महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी हुई। इसके साथ ही 2021 मार्च से अब तक 6 संक्रमित गर्भवती महिलाओं का इलाज शुरू किया गया है।
12 एनजीओ कर रहे सहयोग
कोविड के दौरान भी सोसाइटी ने पॉजिटिव लोगों का इलाज बाधित नहीं होने दिया। संक्रमित गर्भवती महिलाओं के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न होने का ही परिणाम है कि उन माताओं के गर्भ में पल रहे बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराकर उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सका। -डॉ. अमनदीप कंग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी