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अमृत-2 का राज्य एक्शन प्लान : 6713 करोड़ रुपये से सुधरेगी जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था
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राज्य उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति की बैठक में मिली मंजूरी
चंडीगढ़। हरियाणा के कस्बों और शहरों में 6713 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था सुधरेगी। अमृत-2 स्वैप के तहत कुल 66 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें से 58 जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाएं और 15.58 करोड़ रुपये की लागत वाली शहरी क्षेत्रों में उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग की आठ परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही अमृत 2.0 की राज्य जल कार्य योजना (एसडब्ल्यूएपी-I) के तहत 1727.36 करोड़ रुपये लागत वाली 57 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इसमें राज्य के 50 शहरों में जलापूर्ति की 48 और सीवरेज की 9 परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 53 पर काम शुरू हो चुका है और शेष के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
शुक्रवार को यहां हरियाणा के मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (अमृत 2.0) के लिए चौथी राज्य उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (एसएचपीएससी) की बैठक में इन परियोजनाओं पर मुहर लगी। मुख्य सचिव ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को लेकर फीडबैक लिया जाए और इसके लिए संबंधित उपायुक्तों और नगर निकायों को भी शामिल किया जाए।
41 नई परियोजनाएं स्वयं सहायता समूहों को आवंटित होगी
बैठक में बताया, प्रथम चरण में हरियाणा के 24 कस्बों के स्कूलों में जागरूकता अभियान के लिए प्रति कस्बा 1,17,000 रुपये की राशि खर्च की जा रही है। 13 कस्बों में जल गुणवत्ता जांच के लिए नमूने एकत्र करने के लिए 13 परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही, प्रदेश के 32 कस्बों के लिए 41 नई परियोजनाएं भी स्वयं सहायता समूहों को आवंटित की जाएंगी।
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50 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान
संचालन समिति की ओर से हरियाणा के 11 शहरों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपी) के तहत 50,000-99,999 तक की आबादी वाले श्रेणी-II शहरों के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने के लिए राज्य कार्य योजना को भी मंजूरी दी गई। यह उप योजना अमृत जीआईएस उप योजना के अनुरूप होगी और इसमें तीन प्रमुख घटक शामिल होंगे यानी जियो डेटाबेस निर्माण, जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करना और क्षमता निर्माण करना।
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चंडीगढ़। हरियाणा के कस्बों और शहरों में 6713 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था सुधरेगी। अमृत-2 स्वैप के तहत कुल 66 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें से 58 जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाएं और 15.58 करोड़ रुपये की लागत वाली शहरी क्षेत्रों में उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग की आठ परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही अमृत 2.0 की राज्य जल कार्य योजना (एसडब्ल्यूएपी-I) के तहत 1727.36 करोड़ रुपये लागत वाली 57 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इसमें राज्य के 50 शहरों में जलापूर्ति की 48 और सीवरेज की 9 परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 53 पर काम शुरू हो चुका है और शेष के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
शुक्रवार को यहां हरियाणा के मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (अमृत 2.0) के लिए चौथी राज्य उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (एसएचपीएससी) की बैठक में इन परियोजनाओं पर मुहर लगी। मुख्य सचिव ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को लेकर फीडबैक लिया जाए और इसके लिए संबंधित उपायुक्तों और नगर निकायों को भी शामिल किया जाए।
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41 नई परियोजनाएं स्वयं सहायता समूहों को आवंटित होगी
बैठक में बताया, प्रथम चरण में हरियाणा के 24 कस्बों के स्कूलों में जागरूकता अभियान के लिए प्रति कस्बा 1,17,000 रुपये की राशि खर्च की जा रही है। 13 कस्बों में जल गुणवत्ता जांच के लिए नमूने एकत्र करने के लिए 13 परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही, प्रदेश के 32 कस्बों के लिए 41 नई परियोजनाएं भी स्वयं सहायता समूहों को आवंटित की जाएंगी।
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50 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान
संचालन समिति की ओर से हरियाणा के 11 शहरों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपी) के तहत 50,000-99,999 तक की आबादी वाले श्रेणी-II शहरों के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने के लिए राज्य कार्य योजना को भी मंजूरी दी गई। यह उप योजना अमृत जीआईएस उप योजना के अनुरूप होगी और इसमें तीन प्रमुख घटक शामिल होंगे यानी जियो डेटाबेस निर्माण, जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करना और क्षमता निर्माण करना।