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Chandigarh News: एसटीए ने की कार्रवाई, परमिट उल्लंघन पर चार बसों का चालान, तीन जब्त
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चंडीगढ़।
अमर उजाला की ओर से सोमवार के अंक में अवैध बसों का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार बसों के चालान काटे और तीन बसों को जब्त कर लिया। एसटीए के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-45 में चल रहे अवैध बस संचालन को लेकर भी जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान किया गया है। सोमवार के अंक में शहर में अवैध बस-ऑटो वालों की मौज, शिकंजा कसने वाला कोई है ही नहीं शीर्षक के खबर प्रकाशित की थी। बताया था कि शहर में निजी बसें अब कई सेक्टरों में खड़ी होने लग गई हैं। पहले यह सिर्फ शहर के पेरीफेरी में खड़ी होती थीं, जहां से सवारियों को बिठाया जाता था। कुछ महीने पहले अराईव सेफ संस्था के संस्थापक हरमन सिद्धू ने भी इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके पीछे कारण है कि प्रशासन के पास मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) ही नहीं है। कभी चार एमवीआई वाले शहर में अब एक भी पद सक्रिय नहीं है।
इकलौते एमवीआई रविंदर सैनी की हाल ही में मृत्यु के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने एक दूसरे विभाग के कर्मचारी को एमवीआई का जिम्मा दिया है लेकिन उनकी ड्यूटी भी कॉमर्शियल गाड़ियों की पासिंग के लिए मनीमाजरा और निजी गाड़ियों की पासिंग के लिए सेक्टर-23 के चिल्ड्रन पार्क में लगी रहती है। इससे अवैध वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि सोमवार को एमवीआई सौरभ ने परमिट उल्लंघन पर चार बसों का चालान किया और तीन जब्त कर दी गई। इन्हें सेक्टर-49 के पुलिस स्टेशन में खड़ा किया गया है।
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अमर उजाला की ओर से सोमवार के अंक में अवैध बसों का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार बसों के चालान काटे और तीन बसों को जब्त कर लिया। एसटीए के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-45 में चल रहे अवैध बस संचालन को लेकर भी जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान किया गया है। सोमवार के अंक में शहर में अवैध बस-ऑटो वालों की मौज, शिकंजा कसने वाला कोई है ही नहीं शीर्षक के खबर प्रकाशित की थी। बताया था कि शहर में निजी बसें अब कई सेक्टरों में खड़ी होने लग गई हैं। पहले यह सिर्फ शहर के पेरीफेरी में खड़ी होती थीं, जहां से सवारियों को बिठाया जाता था। कुछ महीने पहले अराईव सेफ संस्था के संस्थापक हरमन सिद्धू ने भी इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके पीछे कारण है कि प्रशासन के पास मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) ही नहीं है। कभी चार एमवीआई वाले शहर में अब एक भी पद सक्रिय नहीं है।
इकलौते एमवीआई रविंदर सैनी की हाल ही में मृत्यु के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने एक दूसरे विभाग के कर्मचारी को एमवीआई का जिम्मा दिया है लेकिन उनकी ड्यूटी भी कॉमर्शियल गाड़ियों की पासिंग के लिए मनीमाजरा और निजी गाड़ियों की पासिंग के लिए सेक्टर-23 के चिल्ड्रन पार्क में लगी रहती है। इससे अवैध वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि सोमवार को एमवीआई सौरभ ने परमिट उल्लंघन पर चार बसों का चालान किया और तीन जब्त कर दी गई। इन्हें सेक्टर-49 के पुलिस स्टेशन में खड़ा किया गया है।

-फोटो 54 : चंडीगढ़ नाइट रन में भाग लेते बीआरजी के धावक। स्रोत ग्रुप
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