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स्क्वैश खेल के सेंटर तो बनाए गए, पर ग्रेडेशन नहीं, चार साल पहले विभाग ने इस खेल को ग्रेडेशन व कैश अवार्ड की श्रेणी से निकाल दिया था
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चंडीगढ़। यूटी खेल विभाग ने शहर में स्क्वैश के कई सेंटर बना दिए गए हैं। वहीं स्क्वैश खेलने वाले खिलाड़ियों को विभाग की तरफ से मिलने वाली किसी भी सुविधा का फायदा न के बराबर मिल रहा है। स्क्वैश खिलाड़ियों को खेल विभाग की तरफ से न तो ग्रडेशन मिल रही और न ही कैश अवार्ड। ऐसे में सवाल उठता है कि विभाग ने किस लिए ये खेल सेंटर बनाए हैं।
जानकारी के अनुसार खेल विभाग ने इस खेल को 4 साल पहले ग्रेडेशन व कैश अवार्ड की श्रेणी से निकाल दिया था। खेल विभाग की तरफ से बनाए गए नए स्पोर्ट्स सेंटर में स्क्वैश के दो से तीन कोर्ट बनाए गए हैं। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नॉन ओलंपिक गेम है। शहर के कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व शहर का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिनकी देश में रैकिंग 3 व 4 पर हैं। इतना सब होने पर भी खेल विभाग ने इन खिलाड़ियों को न तो कभी कैश अवार्ड दिया गया और न ही ग्रेडेशन प्रक्रिया में शामिल किया। शहर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरिन्द्र पाल सिंह संधू एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल विजेता है। वहीं जूनियर खिलाड़ियों में पृथ्वी सिंह, जामिया सिंह, इन्दरजीत सिंह, गुरबीर सिंह शामिल हैं। वहीं अंडर-13 आयु वर्ग में गुरदीप सिंह की इंडिया रैकिंग-3 तथा एकम सिंह अंडर-17 आयु वर्ग में इंडिया की रैंकिंग 4 है।
यहां पर है सेंटर
शहर में जूनियर व सीनियर स्तर पर तकरीबन 500 से अधिक खिलाड़ी इस खेल से जुड़े हैं। इस खेल को प्रमोट करने के लिए कई सेंटर बनाए गए हैं। ये सभी दो साल के भीतर बने हैं। इनमें स्पोर्ट्स कांप्लेक्स-43, 34, 51, 38 वेस्ट तथा सेक्टर-56, मनीमाजरा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं। वहीं पुराने सेंटर में सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स व सुखना लेक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं।
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ग्रेडेशन को लेकर खेल विभाग के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। उनकी तरफ से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। -परमजीत सिंह, सचिव चंडीगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन
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जानकारी के अनुसार खेल विभाग ने इस खेल को 4 साल पहले ग्रेडेशन व कैश अवार्ड की श्रेणी से निकाल दिया था। खेल विभाग की तरफ से बनाए गए नए स्पोर्ट्स सेंटर में स्क्वैश के दो से तीन कोर्ट बनाए गए हैं। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नॉन ओलंपिक गेम है। शहर के कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व शहर का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिनकी देश में रैकिंग 3 व 4 पर हैं। इतना सब होने पर भी खेल विभाग ने इन खिलाड़ियों को न तो कभी कैश अवार्ड दिया गया और न ही ग्रेडेशन प्रक्रिया में शामिल किया। शहर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरिन्द्र पाल सिंह संधू एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल विजेता है। वहीं जूनियर खिलाड़ियों में पृथ्वी सिंह, जामिया सिंह, इन्दरजीत सिंह, गुरबीर सिंह शामिल हैं। वहीं अंडर-13 आयु वर्ग में गुरदीप सिंह की इंडिया रैकिंग-3 तथा एकम सिंह अंडर-17 आयु वर्ग में इंडिया की रैंकिंग 4 है।
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यहां पर है सेंटर
शहर में जूनियर व सीनियर स्तर पर तकरीबन 500 से अधिक खिलाड़ी इस खेल से जुड़े हैं। इस खेल को प्रमोट करने के लिए कई सेंटर बनाए गए हैं। ये सभी दो साल के भीतर बने हैं। इनमें स्पोर्ट्स कांप्लेक्स-43, 34, 51, 38 वेस्ट तथा सेक्टर-56, मनीमाजरा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं। वहीं पुराने सेंटर में सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स व सुखना लेक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल हैं।
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ग्रेडेशन को लेकर खेल विभाग के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। उनकी तरफ से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। -परमजीत सिंह, सचिव चंडीगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन