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चंडीगढ़ में स्पीड गन का ट्रायल, 8 घंटे में 4500 वाहन मिले ओवर स्पीड
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 17 Nov 2017 09:12 AM IST
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Speed Gun Chandigarh Police
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ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस जल्द ही शहर में स्पीड गन को अपने महकमे में शामिल करने जा रही है। पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस ने शहर की सड़कों पर स्पीड गन का ट्रायल भी लिया। सिटी ब्यूटीफुल की कुछ चुनिंदा सड़कें जिन पर दिन-रात वाहन दौड़ते हैं, इन स्पीड गन को ट्रायल बेस पर वहां कुछ घंटों के लिए इंस्टाल किया गया था। ट्रायल रिपोर्ट के मुताबिक स्पीड गन ने 8 घंटे में करीब 4500 वाहनों की ओवर स्पीडिंग रिकॉर्ड की।
एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने बताया कि दिल्ली में गाड़ियों की ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए यह फार्मूला लागू पूरी तरह कारगर साबित हुआ है। इसे अब यूटी ट्रैफिक पुलिस चंडीगढ़ में लागू करने जा रही है। स्पीड गन का ट्रायल अच्छा रहा है। अब ट्रैफिक पुलिस ग्राउंड लेवल पर एक सर्वे कर रही है।
इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि शहर की कौन सी मुख्य सड़कों पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं। ऐसी मुख्य सड़कों को पहचान कर इन स्पीड गन को वहां लगाया जाएगा। सर्वे में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट आते ही स्पीड गन खरीदने के लिए टेंडर फ्लोट किया जाएगा। दिल्ली की एक कंपनी ने स्पीड गन को लेकर ट्रायल दिया था।
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एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने बताया कि दिल्ली में गाड़ियों की ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए यह फार्मूला लागू पूरी तरह कारगर साबित हुआ है। इसे अब यूटी ट्रैफिक पुलिस चंडीगढ़ में लागू करने जा रही है। स्पीड गन का ट्रायल अच्छा रहा है। अब ट्रैफिक पुलिस ग्राउंड लेवल पर एक सर्वे कर रही है।
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इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि शहर की कौन सी मुख्य सड़कों पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं। ऐसी मुख्य सड़कों को पहचान कर इन स्पीड गन को वहां लगाया जाएगा। सर्वे में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट आते ही स्पीड गन खरीदने के लिए टेंडर फ्लोट किया जाएगा। दिल्ली की एक कंपनी ने स्पीड गन को लेकर ट्रायल दिया था।
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ड्रंक एंड ड्राइव के चालान
Chandigarh Police's Speed Gun
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्पीड गन की खासियत यह है कि ये रात में ओवर स्पीडिंग पर नजर रखने में कारगर है। ट्रैफिक पुलिस ड्रंक एंड ड्राइव के साथ रात में होने वाली ओवर स्पीडिंग पर पूरी तरह पहरा लगाना चाह रही है, ताकि सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके। अभी ट्रैफिक पुलिस के पास ओवर स्पीड की चेकिंग के लिए जो डिवाइस है, वह रात में पूरी तरह कारगर नहीं है इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस एक आधुनिक डिवाइस खरीदने चल रही है।
उन्होंने बताया कि यह डिवाइस रात के घने अंधेरे व कोहरा में भी सड़क पर तेज रफ्तार से आ रही गाड़ियों की स्पीड के साथ-साथ नंबर प्लेट पढ़ने में सक्षम होगा। चाहे गाड़ी कितनी भी रफ्तार में हो, यह डिवाइस उस गाड़ी की स्पीड और गाड़ी का नंबर फौरन रिकॉर्ड कर लेगी। इस डिवाइस की मदद से हाइवे पर एक किलोमीटर दूर से ही गाड़ी की स्पीड पता लगाई जा सकती है।
ड्रंक एंड ड्राइव के चालान
वर्ष चालान
2011 4,679
2012 4,703
2013 4,789
2014 4,903
2015 4,052
2016 5,033
2017 (5 अक्तूबर तक) 4,745
सड़क हादसों के आंकड़े
वर्ष कु ल सड़क हादसे
2011 441
2012 412
2013 409
2014 374
2015 419
2016 432
2017 (29 सितंबर तक) 209
उन्होंने बताया कि यह डिवाइस रात के घने अंधेरे व कोहरा में भी सड़क पर तेज रफ्तार से आ रही गाड़ियों की स्पीड के साथ-साथ नंबर प्लेट पढ़ने में सक्षम होगा। चाहे गाड़ी कितनी भी रफ्तार में हो, यह डिवाइस उस गाड़ी की स्पीड और गाड़ी का नंबर फौरन रिकॉर्ड कर लेगी। इस डिवाइस की मदद से हाइवे पर एक किलोमीटर दूर से ही गाड़ी की स्पीड पता लगाई जा सकती है।
ड्रंक एंड ड्राइव के चालान
वर्ष चालान
2011 4,679
2012 4,703
2013 4,789
2014 4,903
2015 4,052
2016 5,033
2017 (5 अक्तूबर तक) 4,745
सड़क हादसों के आंकड़े
वर्ष कु ल सड़क हादसे
2011 441
2012 412
2013 409
2014 374
2015 419
2016 432
2017 (29 सितंबर तक) 209