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Chandigarh: नाटककार राजविंदर समराला ने 12 साल की उम्र में जीता था बेस्ट एक्टर का अवार्ड, लिख चुके हैं 30 नाटक
Thu, 08 Feb 2024 03:39 PM IST
निवेदिता वर्मा
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Feb 2024 03:39 PM IST
सार
राजविंदर समराला अब तक 30 नाटक लिख चुके हैं। करीब 100 नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। उनके सबसे चर्चित नाटकों में राहां विच अंगियार बड़े सी, दुखदी रग पंजाब दी और एक थी जल परी है।
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राजविंदर समराला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के नाटककार और निर्देशक राजविंदर समराला 12 साल की उम्र में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीत चुके हैं। समराला अपने नाटक रांहा विच अंगियार बड़े सी नाटक के निर्देशन के लिए रंधावा कला एवं साहित्य उत्सव में आए थे। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की।
समराला ने बताया कि जब वे 12 साल के थे तो उन्होंने एक नाटक किया था, जिसका नाम था अंधे निशांची। उसमें उन्होंने मुस्लिम बच्चे की भूमिका निभाई थी। देश के बंटवारे के दौरान छिपकर जा रहे था तो दंगाइयों ने घेर कर मार दिया था। इस नाटक के लिए दो दिनों का रिहर्सल किया और बेस्ट एक्टर का अवार्ड हासिल किया था। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
समराला ने कहा कि वे अब तक 30 नाटक लिख चुके हैं। करीब 100 नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे चर्चित नाटकों में राहां विच अंगियार बड़े सी, दुखदी रग पंजाब दी और एक थी जल परी है।
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उन्होंने कहा कि नाटक राहां विच अंगियार बड़े सी को तैयार करने में चार साल का लंबा वक्त लगा। अब तक इसकी 30 प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। इसकी पहली प्रस्तुति 18 मार्च 2023 को समराला के मालवा रिजोर्ट में हुई थी। यह नाटक लेखिका और कवयित्री सुखविंदर अमृत की जीवन और उनकी कविताओं पर आधारित है। नाटक का 30वां शो पंजाब कला भवन में मोहिंदर रंधावा कला एवं साहित्य उत्सव के दौरान हुआ।
राजविंदर समराला ने कहा कि नाटक दो घंटे का है। इसमें एक घंटा 40 मिनट उनकी जिंदगी और 20 मिनट उनकी कविताओं पर है। उन्होंने कहा कि मैंने चुनौती स्वीकार की और इस नाटक को तैयार करने में चार वर्ष लगे। इसमें सुखविंदर अमृत से बात करना उनका वीडियो रिकार्डिंग करना, उसे समझना, स्क्रिप्ट तैयार करना और फिर उनसे बात करना शामिल रहा। उन्होंने कहा कि यह पंजाब का बहुत चर्चित नाटक है।
उन्होंने कहा कि सुखविंदर अमृत की जिंदगी बड़ी उतार चढ़ाव वाली है। यह नाटक सोलो है। जब भी सुखविंदर अमृत अपनी जीवन पर बने इस नाटक को देखती हैं तो उनकी आंखें भर आती है। पहली बार तो वह बहुत रोई थी। नाटक में सुखविंदर अमृत की जिंदगी के बारे में है। नाटक में दिखाया गया कि सुखविंदर की जिंदगी किस प्रकार की है।
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समराला ने बताया कि जब वे 12 साल के थे तो उन्होंने एक नाटक किया था, जिसका नाम था अंधे निशांची। उसमें उन्होंने मुस्लिम बच्चे की भूमिका निभाई थी। देश के बंटवारे के दौरान छिपकर जा रहे था तो दंगाइयों ने घेर कर मार दिया था। इस नाटक के लिए दो दिनों का रिहर्सल किया और बेस्ट एक्टर का अवार्ड हासिल किया था। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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समराला ने कहा कि वे अब तक 30 नाटक लिख चुके हैं। करीब 100 नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे चर्चित नाटकों में राहां विच अंगियार बड़े सी, दुखदी रग पंजाब दी और एक थी जल परी है।
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उन्होंने कहा कि नाटक राहां विच अंगियार बड़े सी को तैयार करने में चार साल का लंबा वक्त लगा। अब तक इसकी 30 प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। इसकी पहली प्रस्तुति 18 मार्च 2023 को समराला के मालवा रिजोर्ट में हुई थी। यह नाटक लेखिका और कवयित्री सुखविंदर अमृत की जीवन और उनकी कविताओं पर आधारित है। नाटक का 30वां शो पंजाब कला भवन में मोहिंदर रंधावा कला एवं साहित्य उत्सव के दौरान हुआ।
राजविंदर समराला ने कहा कि नाटक दो घंटे का है। इसमें एक घंटा 40 मिनट उनकी जिंदगी और 20 मिनट उनकी कविताओं पर है। उन्होंने कहा कि मैंने चुनौती स्वीकार की और इस नाटक को तैयार करने में चार वर्ष लगे। इसमें सुखविंदर अमृत से बात करना उनका वीडियो रिकार्डिंग करना, उसे समझना, स्क्रिप्ट तैयार करना और फिर उनसे बात करना शामिल रहा। उन्होंने कहा कि यह पंजाब का बहुत चर्चित नाटक है।
उन्होंने कहा कि सुखविंदर अमृत की जिंदगी बड़ी उतार चढ़ाव वाली है। यह नाटक सोलो है। जब भी सुखविंदर अमृत अपनी जीवन पर बने इस नाटक को देखती हैं तो उनकी आंखें भर आती है। पहली बार तो वह बहुत रोई थी। नाटक में सुखविंदर अमृत की जिंदगी के बारे में है। नाटक में दिखाया गया कि सुखविंदर की जिंदगी किस प्रकार की है।