वो 4 मुकाबले, जब अटकी रही सांसें
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हरियाणा गठन के बाद हुए 11 विधानसभा चुनावों में चार मौके ऐसे आए, जब प्रत्याशियों की सांसें काउंटिंग के अंतिम दौर तक अटकी रहीं। अंतिम दौर तक पता नहीं चल पाया कि कौन सी पार्टी का प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा। लेकिन यह भी सच है इन चारों मुकाबलों पर जहां कांग्रेस विजयी रही, वहीं दो बार बीजेएस, एक बार भाजपा व एक बार आजाद को हार का मुंह देखना पड़ा।
इतना ही नहीं दो बार तो कैंट विस में ऐसा दिलचस्प मुकाबला हुआ। वर्ष 1967 में कैंटोनमेंट हलका (कैंट) में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेएस प्रत्याशी के बीच था। मुकाबला कांटेदार रहा और काउंटिंग के राउंड जैसे-जैसे बढ़ते गए प्रत्याशियों की सांसें अटकती रहीं। इस में कांग्रेस के प्रत्याशी ने बीजेएस के प्रत्याशी को मात्र 498 वोटों से मात दी।
इसके बाद दूसरा मुकाबला अंबाला सिटी हलके में वर्ष 1972 के विस चुनावों में आया, जब कांग्रेस व बीजेएस के बीच मुकाबला हुआ। यहां पर भी कांग्रेस ने कड़े मुकाबले में 762 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि अंबाला जिला में दूसरी बार कांटे के मुकाबले में बीजेएस को हार का मुंह देखना पड़ा।
1991 में भी कांटे की टक्कर रही
उधर, वर्ष 1991 के चुनावों में फिर से सिटी में ऐसा मुकाबला सामने आया है, जहां पर कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबला हुआ। यह मुकाबला भी कांटे का रहा है, लेकिन किस्मत ने फिर से कांग्रेस का साथ दिया।
कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को 1101 वोटों से मात दे दी। फिर चौदह साल के बाद वर्ष 2005 में अंबाला कैंट में इस तरह का मुकाबला देखने को मिला।
कांग्रेस व आजाद प्रत्याशी के बीच मुकाबला था, लेकिन कांग्रेस से नाराज होकर एक अन्य आजाद प्रत्याशी ने ऐसे समीकरण बिगाड़े कि मुकाबला तिकोना हो गया।
इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने आजाद प्रत्याशी को महज 615 वोटों से मात दी। इन सभी कांटे के मुकाबलों में कांग्रेस प्रत्याशी ही जीत का सेहरा बांधकर गए।
यह भी रहे हैं बड़ी जीत के हीरो
अभी तक हरियाणा में हुए 11 विस चुनावों में तीन मौके ऐसे आए, जिनको बड़ी जीत के हिसाब से देखा जा सकता है। वर्ष 1977 में जेएनसी की टिकट पर सिटी सीट से लड़े शिव प्रसाद ने उस वक्त पोल हुई वोटों में से 75.99 प्रतिशत वोट हासिल की।
वोट प्रतिशत के हिसाब से यह अब तक की सबसे बड़ी जीत। दूसरी ओर वोटों के अंतर से जीत की बात की जाए, तो यह भी सिटी हलके के हिस्से जाती है।
वर्ष 2005 में कांग्रेस प्रत्याशी विनोद शर्मा ने जहां 35316 वोटों से जीत दर्ज की थी, वहीं 2009 में भी विनोद शर्मा ने कांग्रेस की टिकट पर लड़ते हुए 35550 वोटों से अंबाला जिला में अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी।