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मजीठा से लड़ रहे 3 उम्मीदवारों से नशे पर पूछे गए कुछ सवाल, सुनिए जवाब
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, मजीठा (अमृतसर)
Updated Wed, 01 Feb 2017 06:35 PM IST
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Bikram Singh Majithia
- फोटो : File Photo
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अमृतसर में मजीठा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे तीनों उम्मीदवारों से नशे को लेकर कुछ सवाल पूछे गए, जिसके उन्होंने दिलचस्प जवाब दिए। इस क्षेत्र में हार-जीत के लड़ाई केवल एमएलए बनने की नहीं है। यहां लड़ाई मंत्रीपद की है। जो भी यहां से जीता, उसकी सरकार बनी तो कैबिनेट मिनिस्टर की कुर्सी पक्की हो जाएगी। इस विधानसभा क्षेत्र से शिअद-भाजपा की टिकट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया मैदान में है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सुखजिंदर राज सिंह (लाली मजीठिया) और आम आदमी पार्टी के एडवोकेट हिम्मत सिंह शेरगिल से है। तीनों उम्मीदवारों से पांच सवाल पूछे गए...
1. किन मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे है?
मजीठिया : विकास, रोजगार, भाईचारा, हाईटेक पंजाब और खुशहाल पंजाब के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। मजीठा में हुए विकास काम गवाह है। मजीठा का कायाकल्प करने का वचन दिया था, उम्मीद से ज्यादा करके दिखाया है। पंजाब में तीसरी बार सरकार प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई में बन रही है। मजीठा सीट पिछले चुनावों से भी अधिक वोटों से जीतूंगा।
लाली मजीठिया : मजीठा को अपराधमुक्त, भयमुक्त, नशामुक्त करने का मुद्दा है। विकास के जो काम हुए, मजीठिया ने खेत बेचकर नहीं किए, जनता का पैसा था। मजीठा में हजारों लोग रात को डरते हैं कहीं मजीठिया न देख ले, वर्ना झूठे पर्चे हो जाएंगे। मजीठा में इस बार हम जीत रहे हैं। आप देखते रहिए चार फरवरी को मजीठा से कांग्रेस का परचम लहराएगा।
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शेरगिल : मजीठा के लोगों को इंसाफ दिलाना है। हजारों लोग सताए हुए हैं। झूठे पर्चे हुए हैं। मजीठिया के शासन में शोषण बहुत हुआ है। मैं गुरु नगरी का लाल हूं, यही जन्मा। अब उन लोगों के लिए कानून की लड़ाई लड़ता हूं जिनका शोषण हुआ। मजीठा का शोषण हुआ, पंजाब का शोषण हुआ, मैं मजीठिया को जेल भिजवाने आया हूं। आम इंसान आप को मजीठा से जिताने के लिए तैयार बैठा है।
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1. किन मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे है?
मजीठिया : विकास, रोजगार, भाईचारा, हाईटेक पंजाब और खुशहाल पंजाब के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। मजीठा में हुए विकास काम गवाह है। मजीठा का कायाकल्प करने का वचन दिया था, उम्मीद से ज्यादा करके दिखाया है। पंजाब में तीसरी बार सरकार प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई में बन रही है। मजीठा सीट पिछले चुनावों से भी अधिक वोटों से जीतूंगा।
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लाली मजीठिया : मजीठा को अपराधमुक्त, भयमुक्त, नशामुक्त करने का मुद्दा है। विकास के जो काम हुए, मजीठिया ने खेत बेचकर नहीं किए, जनता का पैसा था। मजीठा में हजारों लोग रात को डरते हैं कहीं मजीठिया न देख ले, वर्ना झूठे पर्चे हो जाएंगे। मजीठा में इस बार हम जीत रहे हैं। आप देखते रहिए चार फरवरी को मजीठा से कांग्रेस का परचम लहराएगा।
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शेरगिल : मजीठा के लोगों को इंसाफ दिलाना है। हजारों लोग सताए हुए हैं। झूठे पर्चे हुए हैं। मजीठिया के शासन में शोषण बहुत हुआ है। मैं गुरु नगरी का लाल हूं, यही जन्मा। अब उन लोगों के लिए कानून की लड़ाई लड़ता हूं जिनका शोषण हुआ। मजीठा का शोषण हुआ, पंजाब का शोषण हुआ, मैं मजीठिया को जेल भिजवाने आया हूं। आम इंसान आप को मजीठा से जिताने के लिए तैयार बैठा है।
2017 का चुनाव सोशल मीडिया पर भी लड़ा जा रहा है, कैसे रहते हैं अपडेट?
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया
- फोटो : file photo
मजीठिया : अपडेट रहना ही पड़ता है।
लाली मजीठिया : मैं ज्यादा चलाता नहीं।
शेरगिल : समय की जरूरत है।
3. कितना भरोसा है खुद की जीत पर
मजीठिया : पूरा भरोसा है
लाली मजीठिया : सौ प्रतिशत भरोसा
शेरगिल : एकदम कन्फर्म
लाली मजीठिया : मैं ज्यादा चलाता नहीं।
शेरगिल : समय की जरूरत है।
3. कितना भरोसा है खुद की जीत पर
मजीठिया : पूरा भरोसा है
लाली मजीठिया : सौ प्रतिशत भरोसा
शेरगिल : एकदम कन्फर्म
नशे पर कोई बोलता है, कोई मौन है। क्या वजह है?
अमृतसर में बिक्रम सिंह मजीठिया का शक्ति प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
मजीठिया : बिना सबूतों के बोलना कौन सी अक्लमंदी है। केजरीवाल एंड कंपनी अमृतसर की अदालत में सबूत पेश क्यों नहीं करते। तारीख पर तारीख ले रहे हैं। कानून कहता है कि जब तक सबूत न हो, किसी पर आरोप मत लगाओ। बोलने दो, सबकी बोलती बंद हो जाएगी।
लाली मजीठिया : मैं बोलता हूं। बिक्रम सिंह मजीठिया के मामले में सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। नशे के सौदागरों को जेल भेजना ही पंजाब हित में है। अगर धुआं उठ रहा है तो आग तो लगी होगी। दूध का दूध पानी का पानी अलग होना चाहिए।
शेरगिल : मेरे पास सबूत हैं, ईडी की वो रिपोर्ट है जिसमें लिखा है कि बिक्रम मजीठिया की सतप्रीत सिंह सत्ता (अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर) और भोला के साथ सांठगांठ थी। फोटो भी है, मजीठिया के साथ वाटेंड ड्रग्स तस्करों की। मजीठा की जनता बोल रही है, मैं अकेला नहीं हूं।
लाली मजीठिया : मैं बोलता हूं। बिक्रम सिंह मजीठिया के मामले में सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। नशे के सौदागरों को जेल भेजना ही पंजाब हित में है। अगर धुआं उठ रहा है तो आग तो लगी होगी। दूध का दूध पानी का पानी अलग होना चाहिए।
शेरगिल : मेरे पास सबूत हैं, ईडी की वो रिपोर्ट है जिसमें लिखा है कि बिक्रम मजीठिया की सतप्रीत सिंह सत्ता (अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर) और भोला के साथ सांठगांठ थी। फोटो भी है, मजीठिया के साथ वाटेंड ड्रग्स तस्करों की। मजीठा की जनता बोल रही है, मैं अकेला नहीं हूं।
पिछली सरकार को सौ में कितने प्रतिशत नंबर देंगे।
पंजाब के मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पत्रकारों से बातचीत करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मजीठिया : सौ में से सौ नंबर। पिछले दस सालों वाली गठबंधन सरकार ने जो पंजाब के लिए किया अब तक किसी सरकार ने नहीं किया।
लाली मजीठिया : सौ में से 32। फेल। सड़कों से विकास नहीं होता। देखो, दस सालों में पंजाब में नशे और बेरोजगारी का जो आलम है, कानून व्यवस्था जो रही है, इनकी जिम्मेदार सरकार है।
शेरगिल : सौ में से 30। फेल। पिछले दस साल में पंजाब ने क्या नहीं सहा। धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी, झूठे मामले, भ्रष्टाचार। सरकार चल गई, यह गनीमत थी। भाजपा की मजबूरी थी और अकालियों की दादागिरी।
जो जीतेगा वही बनेगा सिकंदर
मजीठा से जो भी जीता वही सिकंदर बनेगा। कैबिनेट मंत्री की कुर्सी मजीठा सीट के लिए शिअद-भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने अभी से ही घोषित कर दी है। चर्चा है कि आप ने फैसला लिया है कि जो पंजाब में सबसे ताकतवर उम्मीदवारों को हराएगा उसे सीएम की कुर्सी मिलेगी। दौड़ में मजीठा से आप के उम्मीदवार हिम्मत सिंह शेरगिल भी हैं। शेरगिल कहते हैं कि यह फैसला पार्टी लेगी, मैं पार्टी का सिपाही हूं। कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह लाली अगर यहां से जीतते हैं तो उनको कैबिनेट में जगह पक्की मिलेगी। जबकि शिअद-भाजपा के उम्मीदवार पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
लाली मजीठिया : सौ में से 32। फेल। सड़कों से विकास नहीं होता। देखो, दस सालों में पंजाब में नशे और बेरोजगारी का जो आलम है, कानून व्यवस्था जो रही है, इनकी जिम्मेदार सरकार है।
शेरगिल : सौ में से 30। फेल। पिछले दस साल में पंजाब ने क्या नहीं सहा। धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी, झूठे मामले, भ्रष्टाचार। सरकार चल गई, यह गनीमत थी। भाजपा की मजबूरी थी और अकालियों की दादागिरी।
जो जीतेगा वही बनेगा सिकंदर
मजीठा से जो भी जीता वही सिकंदर बनेगा। कैबिनेट मंत्री की कुर्सी मजीठा सीट के लिए शिअद-भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने अभी से ही घोषित कर दी है। चर्चा है कि आप ने फैसला लिया है कि जो पंजाब में सबसे ताकतवर उम्मीदवारों को हराएगा उसे सीएम की कुर्सी मिलेगी। दौड़ में मजीठा से आप के उम्मीदवार हिम्मत सिंह शेरगिल भी हैं। शेरगिल कहते हैं कि यह फैसला पार्टी लेगी, मैं पार्टी का सिपाही हूं। कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह लाली अगर यहां से जीतते हैं तो उनको कैबिनेट में जगह पक्की मिलेगी। जबकि शिअद-भाजपा के उम्मीदवार पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।