सोनिया, राहुल का भरोसा बाजवा के लिए 'ऑक्सीजन'
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शकील अहमद ने कहा है कि प्रताप बाजवा ही पंजाब के प्रधान हैं। जब तक कांग्रेस प्रधान और उपाध्यक्ष का कॉन्फिडेंस उन पर है, वही प्रधान रहेंगे। शकील के बयान से बाजवा गुट ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन शकील, कैप्टन के खिलाफ भी नहीं बोले।
कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस केदौरान शकील ने कहा कि संगठन में बदलाव तो होते ही रहते हैं। जब नेतृत्व को फैसला लेना होगा, ले लेगा। राष्ट्रीय नेतृत्व को कैप्टन अमरिंदर सिंह की भावना मालूम है। कैप्टन ने यह कभी नहीं कहा कि वह हाईकमान की बात नहीं मानेंगे।
कैप्टन की ओर से अनुशासनहीनता के सवाल पर शकील ने कहा कि अगर उनका कोई बयान आपत्तिजनक होगा तो अनुशासनात्मक कमेटी फैसला लेगी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वह बाजवा और कैप्टन दोनों केसाथ हैं।
शकील बोले, मैं बाजवा और कैप्टन, दोनों के साथ
संविधान और नीतियों में बदलाव को लेकर फीडबैक लेने आए शकील ने पहले दिन विधायकों और जिला प्रधानों केसाथ बैठक की। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब बीस डायलॉग सेशन कराए थे। इनमें देश भर से करीब 350 कांग्रेसियों ने फीडबैक दिया था। उसी कार्यक्रम को अब राज्य और जिलों में ले जाया जा रहा है।
अब तक 16 राज्यों की रिपोर्ट दिल्ली पहुंच चुकी है। पंजाब से फीडबैक लेने के बाद सारी रिपोर्ट दी जाएगी। मुद्दे यह हैं कि पार्टी की कोर आइडियोलॉजी पर कैडर की राय क्या है, इसमें कुछ जोड़ना-घटना चाहिए। पदाधिकारी निर्वाचित हों या मनोनीत। पहले मिली-जुली राय आई, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कुछ हद तक निर्वाचन के बाद आगे मनोनयन होना चाहिए।
लोकसभा में हार के बाद सीडब्ल्यूसी ने माना कि लोगों और कैडर से कम्युनिकेशन में कमी रही। इसे कैसे मजबूत बनाया जाए, इस पर राय ली गई है। राज्यों के मुद्दे कैसे प्रमुखता से उठाए जाएं, इस पर मंथन हुआ। इस मौके पर सह प्रभारी हरीश चौधरी, बाजवा और सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ भी थे।