फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   sonia gandhi, rahul gandhi trust is oxyzine for partap singh bajwa

सोनिया, राहुल का भरोसा बाजवा के लिए 'ऑक्सीजन'

Fri, 13 Mar 2015 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Mar 2015 11:48 AM IST
विज्ञापन
sonia gandhi, rahul gandhi trust is oxyzine for partap singh bajwa

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शकील अहमद ने कहा है कि प्रताप बाजवा ही पंजाब के प्रधान हैं। जब तक कांग्रेस प्रधान और उपाध्यक्ष का कॉन्फिडेंस उन पर है, वही प्रधान रहेंगे। शकील के बयान से बाजवा गुट ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन शकील, कैप्टन के खिलाफ भी नहीं बोले।

विज्ञापन


कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस केदौरान शकील ने कहा कि संगठन में बदलाव तो होते ही रहते हैं। जब नेतृत्व को फैसला लेना होगा, ले लेगा। राष्ट्रीय नेतृत्व को कैप्टन अमरिंदर सिंह की भावना मालूम है। कैप्टन ने यह कभी नहीं कहा कि वह हाईकमान की बात नहीं मानेंगे।
विज्ञापन


कैप्टन की ओर से अनुशासनहीनता के सवाल पर शकील ने कहा कि अगर उनका कोई बयान आपत्तिजनक होगा तो अनुशासनात्मक कमेटी फैसला लेगी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वह बाजवा और कैप्टन दोनों केसाथ हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शकील बोले, मैं बाजवा और कैप्टन, दोनों के साथ

sonia gandhi, rahul gandhi trust is oxyzine for partap singh bajwa

संविधान और नीतियों में बदलाव को लेकर फीडबैक लेने आए शकील ने पहले दिन विधायकों और जिला प्रधानों केसाथ बैठक की। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब बीस डायलॉग सेशन कराए थे। इनमें देश भर से करीब 350 कांग्रेसियों ने फीडबैक दिया था। उसी कार्यक्रम को अब राज्य और जिलों में ले जाया जा रहा है।

अब तक 16 राज्यों की रिपोर्ट दिल्ली पहुंच चुकी है। पंजाब से फीडबैक लेने के बाद सारी रिपोर्ट दी जाएगी। मुद्दे यह हैं कि पार्टी की कोर आइडियोलॉजी पर कैडर की राय क्या है, इसमें कुछ जोड़ना-घटना चाहिए। पदाधिकारी निर्वाचित हों या मनोनीत। पहले मिली-जुली राय आई, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कुछ हद तक निर्वाचन के बाद आगे मनोनयन होना चाहिए।

लोकसभा में हार के बाद सीडब्ल्यूसी ने माना कि लोगों और कैडर से कम्युनिकेशन में कमी रही। इसे कैसे मजबूत बनाया जाए, इस पर राय ली गई है। राज्यों के मुद्दे कैसे प्रमुखता से उठाए जाएं, इस पर मंथन हुआ। इस मौके पर सह प्रभारी हरीश चौधरी, बाजवा और सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ भी थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed