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Punjab News: पूर्व SGPC अध्यक्ष टोहड़ा के दामाद को नहीं मिलेंगे सुरक्षाकर्मी, हाईकोर्ट ने किया इंकार

Tue, 09 Jan 2024 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 09 Jan 2024 12:06 AM IST
सार

पंजाब सरकार के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता के अनुरोध पर विचार किया गया और सुरक्षाकर्मी मुहैया कराने के संबंध में पुलिस चौकी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई थी। फिलहाल याची को किसी आतंकवादी या किसी अन्य अलगाववादी संगठन से कोई धमकी नहीं मिली है।

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Son-in-law of Gurcharan Singh Tohra will not get security personnel
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष गुरचरण सिंह टोहड़ा के दामाद हरमेल सिंह टोहड़ा को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने का आदेश जारी करने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। अदालत में पटियाला के एसएसपी ने विश्वास दिलाया कि गश्त और पीसीआर के माध्यम से उनकी सुरक्षा की जा रही है और उन्हें निजी सुरक्षाकर्मी देने की जरूरत नहीं है।

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याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने कहा कि अदालत को लगता है कि सुरक्षा याचिकाकर्ता के सुरक्षा के दावे पर पंजाब पुलिस ने विचार किया है और उसका मूल्यांकन करते हुए उचित और पर्याप्त व्यवस्था की है। ऐसे में निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के आदेश की आवश्यकता नहीं है। 
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सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर पंजाब पुलिस ने जवाब दाखिल करते हुए बताया था कि मॉडल टाउन पुलिस चौकी प्रभारी को एसपी पटियाला द्वारा गश्त व पीसीआर और मोबाइल फोन के माध्यम से याचिकाकर्ता की विशेष देखभाल और सुरक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
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याचिकाकर्ता को पुलिस पोस्ट, माडल टाउन पटियाला, पीसीआर और पुलिस स्टेशन सिविल लाइन्स के नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि याचिकाकर्ता को होने वाले किसी भी आपात स्थिति और खतरे से निपटा जा सके। हरमेल सिंह टोहड़ा की शादी गुरचरण सिंह टोहड़ा की बेटी कुलदीप कौर से हुई है। उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की मांग की थी, जिसे सरकार ने वापस ले लिया था।

याचिकाकर्ता वर्ष 1997 में हुए आम चुनाव में विधायक चुने गए और कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उन्हें जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी और उनकी पत्नी एसजीपीसी की सदस्य हैं। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसे असामाजिक तत्वों से खतरा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में नहीं है। यह भी दावा किया गया कि उन्हें और उनके परिवार को पहले दी गई सुरक्षा राज्य ने वापस ले ली है।


याचिका पर जवाब देते हुए राज्य सरकार के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता के अनुरोध पर विचार किया गया और सुरक्षाकर्मी मुहैया कराने के संबंध में पुलिस चौकी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई थी। फिलहाल याची को किसी आतंकवादी या किसी अन्य अलगाववादी संगठन से कोई धमकी नहीं मिली है।

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