फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Some People have take Smart Cycles to Home in Chandigarh

शर्मनाक: चंडीगढ़ में लोग घर ले गए स्मार्ट साइकिलें, जीपीएस से कंपनी ने लगाया पता तो बोले-काम करके लौटा देंगे

Sat, 04 Sep 2021 12:58 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 04 Sep 2021 12:58 PM IST
सार

12 अगस्त को शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू हुई थी। कंपनी ने 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलें संचालित की थीं। उद्घाटन के दूसरे दिन ही नेटवर्क की समस्या के कारण एप ने काम नहीं किया तो स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने साइकिल के उपयोग पर शुल्क न लेने का आदेश जारी कर दिया।

विज्ञापन
Some People have take Smart Cycles to Home in Chandigarh
स्मार्ट साइकिल की टूटी सीट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में पहले स्मार्ट साइकिलों का सामान चोरी हो रहा था, अब कुछ लोगों ने इन्हें ले जाकर घर में ही खड़ा कर लिया। जीपीएस के माध्यम से कंपनी ने सेक्टर-45 और बुड़ैल से 6 साइकिलों को बरामद किया। एक घर से दो जबकि तीन घरों से तीन साइकिलें मिलीं। साइकिलें लेने गई टीम से लोगों ने यह भी कहा कि अभी रहने दो, काम खत्म करके लौटा देंगे। 
विज्ञापन


12 अगस्त को शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू हुई थी। कंपनी ने 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलें संचालित की थीं। उद्घाटन के दूसरे दिन ही नेटवर्क की समस्या के कारण एप ने काम नहीं किया तो स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने साइकिल के उपयोग पर शुल्क न लेने का आदेश जारी कर दिया। लोगों की लापरवाही कहें या जागरूकता की कमी, लोग साइकिल एक बार लेकर स्टैंड में वापस ही नहीं रख रहे हैं। 
विज्ञापन



पहली बार छह ई-साइकिलें स्टैंड से गायब मिलीं। खोजने पर पता चला कि लोग साइकिल घर ले गए हैं। टीम ने घरों से जाकर साइकिलों को बरामद किया। वर्तमान में सेक्टर 38, 47, 46, 37, 39, 45, दशहरा ग्राउंड, डड्डूमाजरा, बुड़ैल के क्षेत्र में काफी समस्या है। वहां सबसे ज्यादा साइकिलों का सामान चोरी हुआ है या टूटा मिला है। कंपनी ने अपनी टीमों को यहीं पर सबसे ज्यादा ध्यान रखने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लॉक नंबर याद कर फाड़ देते हैं कोड की पर्ची
कुछ साइकिलें ऐसी मिलीं जिनकी कोड की पर्ची फटी थी, इसके बावजूद वह उपयोग हो रही थीं। जांच करने पर पता चला कि एक ही व्यक्ति उनका उपयोग कर रहा था। संबंधित व्यक्ति ने साइकिल का लॉक नंबर याद कर लिया और कोड का स्टीकर फाड़ दिया। इस कारण उस साइकिल का उपयोग केवल वही कर रहा था। कंपनी को उस साइकिल का कोड खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक स्टीकर की कीमत लगभग 500 रुपये है।

एक माह में मिलीं 178 शिकायतें
कंपनी के पास अब तक लगभग 178 शिकायतें आईं हैं। इनमें साइकिलों के सामान की चोरी, टूटे उपकरण और बैटरी डिस्चार्ज संबंधी ज्यादा हैं। साइकिलों को ठीक करने में लगभग 32 हजार रुपये कंपनी खर्च कर चुकी है। साइकिल चलने के पहले 13 दिनों में ही 150 से ज्यादा साइकिलों का सामान चोरी हो गया। इस दौरान घंटी, सीट, हैंडल के कवर और बैटरी चोरी हो गई। 

अधिकारी पुलिस को देंगे शिकायत
लगातार चोरी हो रहे सामान और साइकिलों में टूटफूट के बाद कंपनी शनिवार को एसएसपी कुलदीप चहल को शिकायत देगी। कंपनी ने आठ लोगों की दो टीमें भी गठित कर दी हैं। यह टीमें दो जोन में डॉकिंग स्टेशनों को बांटकर 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। तय समय सीमा में टीम के सदस्य डॉकिंग स्टेशन पर निरीक्षण करने पहुंचते रहते हैं। 

साइकिल लोगों की संपत्ति है। इसे ठीक रखना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है। इसे बेहतर करने के लिए स्मार्ट सिटी और नगर निगम तत्पर हैं। इसलिए इसे नुकसान न पहुंचाकर व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करें। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। -आनिंदिता मित्रा, सीईओ, स्मार्ट सिटी 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed