फ्रांस की एएफडी ट्रांसपोर्ट के साथ सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भी करेगी मदद
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फ्रांस की एजेंस ऑफ फ्रांस डी डेवलपमेंट (एएफडी) चंडीगढ़ में ट्रांसपोर्ट के साथ सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर करने में भी मदद करेगी।
शहर की सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी में आर्थिक और तकनीकी मदद के लिए एएफडी और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद की मौजूदगी में एमओयू साइन हुआ था।
वर्ष 2015 में गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति ओलांद चंडीगढ़ आए थे। इसी दौरान शहर का दौरा करने के बाद फ्रांस ने चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने केलिए मदद की इच्छा जताई थी।
जिसके तहत कई एमओयू साइन हुए थे। एएफडी फ्रांस की सबसे बड़ी सरकारी एजेंसी है। जो विभिन्न प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट करती है। यही एजेंसी बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट विकल्पों के लिए सर्वे करेगी।
भारत में फ्रांस एंबेसी के मिनिस्टर काउंसलर जीन मार्क फेनेट ने चंडीगढ़ को अपने दिल के सबसे करीब बताते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।
रोप वे भी हो सकता है बेहतर विकल्प
एमओयू के तहत एएफडी कम लागत में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, अंत तक कनेक्टिविटी और नॉन मोटराइज्ड वाहनों केलिए बेहतर रास्ते बनाने में मदद करेगी।
इसकेअलावा 24 घंटे वॉटर सप्लाई, सीवरेज मैनेजमेंट, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, अर्बन मोबिलाइजेशन और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम को भी एमओयू में शामिल किया गया था। मेट्रो प्रोजेक्ट डंप होने के बाद अब एएफडी ही सर्वे के बाद नए विकल्प सुझाएगी।
रोप वे भी हो सकता है बेहतर विकल्प
बिना फिजिब्लिटी रिपोर्ट के ही काम शुरू करने का यही खामियाजा होता है। इससे पहले एजुसिटी, मेडिसिटी के प्रोजेक्ट भी अधर में दम तोड़ गए। मेट्रो को सुचारु तौर पर चलाने के लिए कम से कम 50 लाख आबादी होनी जरूरी है।
ट्राइसिटी की आबादी कम है। मेट्रो की बजाए रोप वे अच्छा विकल्प है। इससे शहर की खूबसूरती और पर्यटन दोनों बढ़ेंगे।
गुरजसजीत सिंह, समाज सेवी।