फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Soldiers of distress .. Converted to their duty by defeating Corona

संकट के सिपाहीकोरोना को मात देकर फिर से जुटे अपने कर्तव्य के पालन में

Fri, 23 Apr 2021 02:55 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 02:55 AM IST
विज्ञापन
Soldiers of distress .. Converted to their duty by defeating Corona
दिनेश सैनी - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के इस दौर में हर कोई चाहता है कि वह और उसके परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहें, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं इस दौरान वे संक्रमण की चपेट में भी आ रहे हैं। बावजूद इसके वे हिम्मत हारने की बजाय अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते कोरोना को हराकर मानवता की सेवा के लिए दोबारा ड्यूटी पर लौट आ रहे हैं।
विज्ञापन

पीजीआई में तैनात नर्सिंग ऑफिसर शिवानी और दिनेश सैनी ऐसे ही कोरोना योद्धाओं में शामिल हैं, जो संक्रमित होने के बाद डरे नहीं और कोरोना को मात देकर एक बार फिर मरीजों की देखभाल में जुट गए हैं।
विज्ञापन

बॉक्स
अकेले खुद को संभाला, सकारात्मक सोच से हराया कोरोना का
पीजीआई की नर्सिंग ऑफिसर शिवानी परिवार से दूर रहकर इस महामारी के दौर में भी मरीजों की सेवा में जुटी हुई हैं। पीजीआई इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान शिवानी तीन दिसंबर 2020 को कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं। ऐसे में वह 17 दिनों तक हॉस्टल में आइसोलेट रहीं। महामारी की चपेट में आने के बाद परिवार से दूर रहकर उन्होंने अपने धैर्य और सकारात्मक सोच के बल पर कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की। शिवानी का कहना है कि मम्मी-पापा और भाई-बहन से दूर रहकर संक्रमण की स्थिति में एक पल तो ऐसा लगा जैसे मैं कमजोर पड़ने लगी हूं लेकिन मैंने डर को खुद पर हावी नहीं होने दिया। योग, मेडिटेशन, भजन और सकारात्मक सोच से जुड़ी किताबें पढ़कर खुद को संभालने में सफल रही। कोरोना को हराने के बाद शिवानी ने 16 मार्च को फिर से पीजीआई की इमरजेंसी में ड्यूटी संभाल ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
ड्यूटी के दौरान आया संक्रमण की चपेट में
पीजीआई के नर्सिंग ऑफिसर दिनेश सैनी 27 फरवरी को ड्यूटी के दौरान पॉजिटिव हो गए थे। उस समय सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री इनफेक्शन के मरीजों के वार्ड में उनकी ड्यूटी थी। पॉजिटिव होने के बाद वह 17 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहे। इस दौरान उनके संपर्क में आने से उनकी पत्नी अनीता व दोनों बेटियों में भी संक्रमण के लक्षण आने लगे थे इसलिए पूरे परिवार को होम आइसोलेशन में रहना पड़ा। संक्रमण के दौरान दिनेश को बुखार, शरीर में दर्द और गले में परेशानी थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने खुद के साथ ही अपने परिवार को भी हिम्मत दी। अपनी सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को हराकर 16 मार्च को फिर से ड्यूटी शुरू कर दी। दिनेश का कहना है कि 12 महीने से संक्रमण के बीच खुद को बचाते हुए मरीजों की देखभाल में जुटे हुए थे लेकिन अचानक वह भी संक्रमित हो गए। संक्रमित होने के बाद तनाव लेने की बजाय खुद को मजबूत करने की जरूरत होती है, जिससे कोरोना को हराना आसान हो जाता है।

शिवानी

शिवानी- फोटो : CHANDIGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed