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चंडीगढ़ में अब सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, स्नीफर डॉग से नहीं बच सकेंगे अपराधी, तो खबरदार
Mon, 18 Nov 2019 11:10 AM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 18 Nov 2019 11:10 AM IST
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स्नीफर डॉग
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ की सुरक्षा अब और पुख्ता हो गई है। 10 महीने की लंबे ट्रेनिंग के बाद पांच एक्सप्लोसिव स्नीफर डॉग चंडीगढ़ पुलिस शामिल में हो गए है। यह स्नीफर डॉग बम स्क्वॉड का काम करेंगे, कहीं भी बम की सूचना होने पर ये फौरन भांप लेंगे, जबकि एक ट्रैकर डॉग को अगले महीने टीम में शामिल कर लिया जाएगा। अब चंडीगढ़ पुलिस के पास कुल 13 स्नीफर डॉग हो गए हैं।
इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने दिसंबर 2018 में करीब ढाई महीने की उम्र में 6 लेब्रा बीड के स्नीफर डॉग को मनीमाजरा से लेकर विभाग में शामिल किया था। इसके बाद इनका रजिस्ट्रेशन कर सभी को पंचकूला के भानु ट्रेनिंग सेंटर में भेजा गया था। इन्हें पहले तीन महीने की बेसिक ट्रेनिंग दी गई। इसके अगले 6 महीने में इनको एडवांस ट्रेनिंग देकर ट्रेंड किया गया।
इन डॉग्स की खास बात यह है कि ये सिर्फ अपने ट्रेनिंग मास्टर का ऑर्डर मानते हैं, अगर कोई और इन्हें कमांड देता है तो ये प्रतिक्रिया नहीं करते। इनकी ट्रेनिंग करीब दस महीने में पूरी हुई, जबकि एक स्नीफर ट्रैकर डॉग की ट्रेनिंग चल रही है। अगले महीने उसे भी टीम में शामिल कर लिया जाएगा।
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इन स्नीफर के लिए सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में अलग-अलग कैनाल भी बने हैं, जहां ये आराम करते हैं। इनके लिए एक स्पेशल कुक भी अप्वाइंट किया गया है, जोकि इनके लिए खाने की व्यवस्था करता है।
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इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने दिसंबर 2018 में करीब ढाई महीने की उम्र में 6 लेब्रा बीड के स्नीफर डॉग को मनीमाजरा से लेकर विभाग में शामिल किया था। इसके बाद इनका रजिस्ट्रेशन कर सभी को पंचकूला के भानु ट्रेनिंग सेंटर में भेजा गया था। इन्हें पहले तीन महीने की बेसिक ट्रेनिंग दी गई। इसके अगले 6 महीने में इनको एडवांस ट्रेनिंग देकर ट्रेंड किया गया।
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इन डॉग्स की खास बात यह है कि ये सिर्फ अपने ट्रेनिंग मास्टर का ऑर्डर मानते हैं, अगर कोई और इन्हें कमांड देता है तो ये प्रतिक्रिया नहीं करते। इनकी ट्रेनिंग करीब दस महीने में पूरी हुई, जबकि एक स्नीफर ट्रैकर डॉग की ट्रेनिंग चल रही है। अगले महीने उसे भी टीम में शामिल कर लिया जाएगा।
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इन स्नीफर के लिए सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में अलग-अलग कैनाल भी बने हैं, जहां ये आराम करते हैं। इनके लिए एक स्पेशल कुक भी अप्वाइंट किया गया है, जोकि इनके लिए खाने की व्यवस्था करता है।
दो स्नीफर डॉग होंगे रिटायर
चंडीगढ़ पुलिस विभाग के पास इससे पहले 9 स्नीफर डॉग हैं, जिसमें 7 एक्सप्लोसिव और 2 ट्रैकर स्नीफर हैं। ये सभी लेब्रा बीड के हैं। इन स्नीफर में दो डॉग को डॉक्टरों ने उनकी उम्र ज्यादा बताई है। इनसे कई दफा ड्यूटी भी नहीं करवाई जाती है। जल्द ही दोनों की रिटायरमेंट हो जाएगी। इसी के चलते चंडीगढ़ पुलिस ने 6 स्नीफर डॉग को शामिल किया है, जो अब कुल 13 हो जाएगी।
डाइट प्लान पर विशेष ध्यान
पांच नए एक्सप्लोसिव स्नीफरों के लिए खास डाइट तय की गई है। इसके मुताबिक इन्हें दिनभर में दो बार खाना दिया जाता है। इस डाइट चार्ट की पालना की जाती है, ताकि इनका हाजमा दुरुस्त रहे।
200 ग्राम दूध
100 ग्राम सब्जी
200 ग्राम मीट
300 ग्राम आटे की रोटी
2 अंडा
डाइट प्लान पर विशेष ध्यान
पांच नए एक्सप्लोसिव स्नीफरों के लिए खास डाइट तय की गई है। इसके मुताबिक इन्हें दिनभर में दो बार खाना दिया जाता है। इस डाइट चार्ट की पालना की जाती है, ताकि इनका हाजमा दुरुस्त रहे।
200 ग्राम दूध
100 ग्राम सब्जी
200 ग्राम मीट
300 ग्राम आटे की रोटी
2 अंडा
इनकी लगती है रोजाना ड्यूटी
शहर के अलग-अलग वीआईपी एरिया में इन स्नीफर डॉग की बाकायदा ड्यूटी लगाई जाती है। इनमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट, सेक्टर-43 जिला अदालत, बस स्टैंड, पुलिस हेडक्वार्टर, पंजाब और हरियाणा राज भवन समेत कई वीआईपी रूटों पर इन्हें तैनात किया जाता है। इसके अलावा शहर में होने वाले आपराधिक स्पॉट पर भी इनकी जरूरत पड़ती है। स्नीफर डॉग 10 से 12 साल की उम्र तक बूढ़े होने लगते हैं, जिसके बाद इन्हें सुस्त होने पर हटा दिया जाता है।
अब तक नहीं शामिल हुआ बेल्जियम शेफर्ड
पुलिस विभाग ने बेल्जियम शेफर्ड डॉग का प्रपोजल बनाकर संबंधित विभाग को भेजा था, लेकिन प्रपोजल को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। बेल्जियम शेफर्ड बीड ज्यादा खतरनाक होते है और बाहरी एरिया में ज्यादातर काम आते हैं, जिस वजह से यह प्रपोजल रद्द कर दिया गया था।
अब तक नहीं शामिल हुआ बेल्जियम शेफर्ड
पुलिस विभाग ने बेल्जियम शेफर्ड डॉग का प्रपोजल बनाकर संबंधित विभाग को भेजा था, लेकिन प्रपोजल को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। बेल्जियम शेफर्ड बीड ज्यादा खतरनाक होते है और बाहरी एरिया में ज्यादातर काम आते हैं, जिस वजह से यह प्रपोजल रद्द कर दिया गया था।