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हाईकोर्ट ने कहा : ड्रोन से हुई तस्करी तो जरूरी नहीं कि विक्रेता अपराध में शामिल हो
Wed, 31 Mar 2021 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 31 Mar 2021 06:18 AM IST
सार
- नशे और हथियारों की तस्करी के मामले में ड्रोन विक्रेता को मिली जमानत
- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए लाया गया था नशा और हथियारों की खेप
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशा लाने के मामले में ड्रोन बेचने वाली कंपनी के मालिक को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ड्रोन बेचने का मतलब यह नहीं कि वह अपराध में शामिल है या उसे इसकी जानकारी थी।
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मामला अमृतसर का है, जहां पर नशे और हथियारों की तस्करी के आरोप में पुलिस ने बचित्तर सिंह और लखविंदर सिंह पर 14 दिसंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर की सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी से कुछ लोग हथियार और नशे का सामान लेकर जाने वाले हैं।
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इसके बाद नाका लगाया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि उन्होंने ड्रोन लक्की धवन से खरीदा था। इसके बाद लक्की धवन को गिरफ्तार किया गया। अब याची ने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई।
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याची ने कहा कि उसकी एक कंपनी है जो रिमोट कंट्रोल खिलौनों और इस प्रकार के अन्य सामान को बेचती है। उनका सामान फ्लिपकार्ट और ऐसी अन्य साइट पर भी बेचा जाता है। याची ने बताया कि उसके पास अर्शदीप व अन्य लोग आए और बताया कि उनका कॉलेज है।
कॉलेज में बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्हें ड्रोन की जरूरत है और याची ने 4 लाख 65 हजार में ड्रोन बेच दिया। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस मामले में जमानत के लिहाज से याची की लिप्तता फिलहाल पुलिस साबित नहीं कर पा रही है। दोष देखना ट्रायल कोर्ट का काम है। लेकिन केवल ड्रोन बेचना याची के अपराध में शामिल होने को साबित करने के लिए काफी नहीं है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याची को जमानत दे दी।