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शर्मनाक: 13 दिन में ही स्मार्ट साइकिलों की दुर्गति, कोई टायर ले गया तो कोई सीट, कंपनी बोली-कहीं ऐसा नहीं हुआ
Thu, 26 Aug 2021 10:07 AM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:07 AM IST
सार
स्मार्ट सिटी की तरफ से 12 अगस्त को शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू हुई थी। कंपनी ने 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलें शुरू की थीं। उद्घाटन के दूसरे दिन ही नेटवर्क की समस्या के कारण एप ने काम नहीं किया तो स्मार्ट सिटी ने साइकिल की सवारी मुफ्त कर दी।
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स्मार्ट साइकिलों से टायर और बैटरी चोरी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में स्मार्ट साइकिलों की कुछ नासमझों ने ऐसी दुर्गति कर डाली कि योजना ही खटाई में पड़ गई। मात्र 13 दिन योजना को शुरू हुए बीते हैं और आलम यह है कि इन साइकिलों के कोई टायर निकालकर ले गया तो कोई सीट। कोई बैटरी निकालकर चलता बना। न निकाल सका तो उसे खराब कर दिया। कंपनी का कहना है कि किसी शहर में उन्हें ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।
स्मार्ट सिटी की तरफ से 12 अगस्त को शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू हुई थी। कंपनी ने 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलें शुरू की थीं। उद्घाटन के दूसरे दिन ही नेटवर्क की समस्या के कारण एप ने काम नहीं किया तो स्मार्ट सिटी ने साइकिल की सवारी मुफ्त कर दी। इसके बाद कंपनी ने लोगों के लिए सुविधा तो जारी रखी, लेकिन उसे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक 150 से ज्यादा साइकिलों का सामान चोरी हो चुका है।
इसमें हैंडल की रबड़, सीट, टायर, घंटी शामिल हैं। वहीं एक साइकिल पर तीन लोगों को बैठकर जाते हुए भी देखा गया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ डॉकिंग स्टेशन पर अंधेरा होने का लोग फायदा उठाते हैं। लॉक न खुलने पर लोग जबरन डॉकिंग स्टेशन से साइकिल निकालने का प्रयास करते हैं और नुकसान करके चले जाते हैं। वहीं सेक्टर 19 में मनचंदा बुक स्टोर के साथ बने स्टैंड पर दो साइकिलें बिना लॉक के ही खड़ी रहती हैं। लोग उन्हें कभी भी निकालकर उपयोग करके वापस रख देते हैं।
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स्मार्ट सिटी की तरफ से 12 अगस्त को शहर में स्मार्ट बाइक शेयरिंग योजना शुरू हुई थी। कंपनी ने 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलें शुरू की थीं। उद्घाटन के दूसरे दिन ही नेटवर्क की समस्या के कारण एप ने काम नहीं किया तो स्मार्ट सिटी ने साइकिल की सवारी मुफ्त कर दी। इसके बाद कंपनी ने लोगों के लिए सुविधा तो जारी रखी, लेकिन उसे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक 150 से ज्यादा साइकिलों का सामान चोरी हो चुका है।
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इसमें हैंडल की रबड़, सीट, टायर, घंटी शामिल हैं। वहीं एक साइकिल पर तीन लोगों को बैठकर जाते हुए भी देखा गया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ डॉकिंग स्टेशन पर अंधेरा होने का लोग फायदा उठाते हैं। लॉक न खुलने पर लोग जबरन डॉकिंग स्टेशन से साइकिल निकालने का प्रयास करते हैं और नुकसान करके चले जाते हैं। वहीं सेक्टर 19 में मनचंदा बुक स्टोर के साथ बने स्टैंड पर दो साइकिलें बिना लॉक के ही खड़ी रहती हैं। लोग उन्हें कभी भी निकालकर उपयोग करके वापस रख देते हैं।
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अब कंपनी की टीम करेगी निगरानी
कंपनी ने अब दो टीमें गठित की हैं। दोनों टीमों में 4-4 लोगों को तैनात किया गया है। यह टीमें दो जोन में डॉकिंग स्टेशनों को बांटकर 24 घंटे निगरानी करेंगी। तय समय सीमा में टीम के सदस्य डॉकिंग स्टेशन पर जाकर साइकिलों को देखेंगे। जो साइकिल चल रही होंगी, उन्हें भी जीपीएस से चेक किया जाएगा।
50 हजार रुपये की है साइकिल
अधिकारियों ने बताया कि एक साइकिल की कीमत लगभग 50 हजार रुपये है। इसमें ट्यूबलेस टायर, 10 किलो की क्षमता वाली टोकरी, बैटरी से संचालित लाइट, एडजस्ट करने वाली सीट लगी है।
सीसीटीवी फुटेज लेने के लिए किया आवेदन
कंपनी ने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए फिलहाल यातायात पुलिस की ओर से लगे कैमरों से मदद को पत्र लिखा गया है। वहीं भविष्य में स्मार्ट कैमरों से निगरानी की भी मांग की है ताकि साइकिल के दुरुपयोग और चोरी करने वालों पर नजर रखी जा सके।
50 हजार रुपये की है साइकिल
अधिकारियों ने बताया कि एक साइकिल की कीमत लगभग 50 हजार रुपये है। इसमें ट्यूबलेस टायर, 10 किलो की क्षमता वाली टोकरी, बैटरी से संचालित लाइट, एडजस्ट करने वाली सीट लगी है।
सीसीटीवी फुटेज लेने के लिए किया आवेदन
कंपनी ने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए फिलहाल यातायात पुलिस की ओर से लगे कैमरों से मदद को पत्र लिखा गया है। वहीं भविष्य में स्मार्ट कैमरों से निगरानी की भी मांग की है ताकि साइकिल के दुरुपयोग और चोरी करने वालों पर नजर रखी जा सके।
अप्रैल 2022 तक शहर में होगा साइकिलों का जाल
फेज डॉकिंग स्टेशन साइकिलों की संख्या
पहला फेज 155 1250
दूसरा फेज 310 2500
तीसरा फेज 465 3750
चौथा फेज 617 5000
एप पर 53 हजार 450 लोग हैं सक्रिय
पब्लिक बाइक शेयरिंग एप पर इस समय 53 हजार 450 लोग सक्रिय हैं। सदस्यों ने 61296 सवारी की है, साथ ही अब तक 52067 घंटे में 490368 किमी साइकिल चलाई है। पहले फेज में बस स्टैंड, सरकारी कार्यालय, प्रमुख सेक्टरों को शामिल किया गया है।
साइकिल लोगों की संपत्ति है। इसे नुकसान पहुंचाकर वह स्वयं की सुविधाओं को कमजोर कर रहे हैं। हमारी अपील है कि लोग इसका उपयोग करें, न कि दुरुपयोग। इस योजना की सफलता उनके ही हवाले है। -एनपी शर्मा, जीएम, स्मार्ट सिटी
हमें उम्मीद थी कि जिस तरह एप पर लोग हमसे जुड़े, वैसे ही साइकिलों को उपयोग करेंगे, लेकिन इस तरह सामान चोरी होगा तो हमें काम करने में काफी समस्या होगी। हमें लोगों का सहयोग चाहिए। - अभिनंदन मल्होत्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर
पहला फेज 155 1250
दूसरा फेज 310 2500
तीसरा फेज 465 3750
चौथा फेज 617 5000
एप पर 53 हजार 450 लोग हैं सक्रिय
पब्लिक बाइक शेयरिंग एप पर इस समय 53 हजार 450 लोग सक्रिय हैं। सदस्यों ने 61296 सवारी की है, साथ ही अब तक 52067 घंटे में 490368 किमी साइकिल चलाई है। पहले फेज में बस स्टैंड, सरकारी कार्यालय, प्रमुख सेक्टरों को शामिल किया गया है।
साइकिल लोगों की संपत्ति है। इसे नुकसान पहुंचाकर वह स्वयं की सुविधाओं को कमजोर कर रहे हैं। हमारी अपील है कि लोग इसका उपयोग करें, न कि दुरुपयोग। इस योजना की सफलता उनके ही हवाले है। -एनपी शर्मा, जीएम, स्मार्ट सिटी
हमें उम्मीद थी कि जिस तरह एप पर लोग हमसे जुड़े, वैसे ही साइकिलों को उपयोग करेंगे, लेकिन इस तरह सामान चोरी होगा तो हमें काम करने में काफी समस्या होगी। हमें लोगों का सहयोग चाहिए। - अभिनंदन मल्होत्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर