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चंडीगढ़ में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर अब भी संशय, गेंद फिर प्रशासन के पाले में

Thu, 12 Nov 2020 01:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 12 Nov 2020 01:11 AM IST
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Skeptics still remain on sale and use of firecrackers in Chandigarh
पटाखा - फोटो : amar ujala

शहर में पटाखे जलाने और बेचने पर चंडीगढ़ प्रशासन ने जो पाबंदी लगाई है उससे जुड़ी याचिका का निपटारा होने के बाद भी अभी शहर में पटाखे बेचने और उनके इस्तेमाल किया जा सकेगा या नहीं इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब गेंद फिर से प्रशासन के पाले में डालते हुए चंडीगढ़ क्रैकर्स डीलर्स एसोसिएशन के मांगपत्र पर प्रशासन को फैसला लेने के आदेश दिए हैं। अब प्रशासन को यह निर्णय लेना है कि उन्हें इस बारे में क्या करना है। 

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हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को छूट दी है कि वे अपने नुकसान का मुआवजा पाने के लिए सिविल सूट दाखिल कर सकते हैं।  एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि 23 अक्तूबर को शहर में पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस लेने के लिए आवेदन मांगे थे। सभी आवेदकों ने लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया था। लाइसेंस के लिए 1635 आवेदन आए थे और 3 नवंबर को ड्रॉ निकाल कर 96 को लाइसेंस जारी कर उन्हें जगह भी अलॉट कर दी गई। 
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जिन डीलर्स का ड्रॉ में नाम आ गया था उन्होंने उसके बाद बड़े पैमाने पर पटाखे खरीदने के लिए ऑर्डर देकर भुगतान भी कर दिया। अब अचानक प्रशासन ने 6 नवंबर को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत आदेश जारी कर शहर में पटाखे चलाने और बेचने पर पाबंदी लगा दी।
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एसोसिएशन का कहना है कि लॉकडाउन से वह पहले ही बदहाल आर्थिक स्थित में थे। लॉकडाउन के कारण वह कोई और काम भी नहीं कर पाए थे। अब जब पटाखे बेचने का उन्हें लाइसेंस जारी कर दिया गया तो प्रशासन ने फिर से उन्हें झटका देकर पटाखे बेचने पर ही पाबंदी लगा दोहरी मार कर दी है। इन सभी डीलर्स ने पटाखों के बेचे और जलाए जाने पर 6 नवंबर को लगाए प्रतिबंध के आदेश को रद्द किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की थी। 


हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इन डीलर्स के मांग पत्र पर प्रशासन को निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। साथ ही याचिकाकर्ताओं को छूट दी है कि वह अपने नुकसान का मुआवजा पाने के लिए सिविल सूट दाखिल कर सकते हैं।

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