भारत लौटीं सौम्या ने बताया: तिरंगा झंडा लेकर चलने पर कोई नहीं करता था पूछताछ, टैक्सी से हंगरी और पैदल स्लोवाकिया पहुंची
पंजाब के फिरोजपुर जिले के छह विद्यार्थी सकुशल वतन लौट चुके हैं। छात्रा सौम्या ने बताया कि तिंरगा झंडा लेकर चलने पर कोई पूछताछ नहीं करता था। हालात सामान्य होने पर वह फिर से यू्क्रेन जाएंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन के कीव में छह दिन बंकर में बिताने के बाद किसी तरह हंगरी और वहां से स्लोवाकिया पहुंच एमबीबीएस की छात्रा सौम्या भारत लौट आईं हैं। यूक्रेन में भाषा का कोर्स करने गए गगनदीप तीन दिन जागने के बाद पोलैंड के रास्ते वतन लौटे हैं। फिरोजपुर जिले के यूक्रेन में फंसे 18 विद्यार्थियों में से छह देश लौट चुके हैं।
फिरोजपुर शहर निवासी सौम्या ने बताया कि वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। युद्ध शुरू हुआ तो हॉस्टल में बने बंकर में पनाह ली, यहां लगभग डेढ़ सौ विद्यार्थी थे। खाने-पीन का जो भी सामान उनके पास था, उसी के सहारे छह दिन बिताया। जब उनको बताया गया कि कर्फ्यू में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक ढील दी जाएगी, उसी दौरान अपने पैसे से एक टैक्सी की जो उन्हें हंगरी सीमा से दूर छोड़ कर लौट गई। हंगरी पहुंचने पर उन्हें वहां से दो किलोमीटर दूर स्लोवाकिया की सीमा भेज दिया।
वहां से वालंटियर उन्हें एक होटल में ले गए और फिर फ्लाइट से भारत भेज दिया गया। जितने दिन कीव में बिताए मौत उनके सर पर मंडरा रही थी। सौम्या ने कहा कि तिरंगा लेकर चलने पर कोई भी कुछ नहीं कहता था। उन्होंने कहा कि चार माह बाद माहौल शांत होने पर दोबारा फिर यूक्रेन में पढ़ाई करने जाएंगी। सभी सर्टिफिकेट वहीं हैं। ऑनलाइन पढ़ाई अभी चल रही है।
गगनदीप ने बताया कि तीन दिन जागने के बाद पोलैंड पहुंचा और वहां से भारत लौटा। पिछले साल ही यूक्रेन के ओडेशा में भाषा का कोर्स करने गया था। वहां हालात बहुत ही खराब होते जा रहे हैं, उसके पास पैसे खत्म हो गए थे, घरवालों से पैसे मंगवाए। कई किलोमीटर पैदल चलकर पोलैंड पहुंचे। वहां उन्हें एक होटल में ठहराया गया फिर फ्लाइट में बैठाकर भारत पहुंचाया। गगनदीप ने कहा कि पांच हजार के करीब भारतीय विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हैं। सभी लोग उनके सलामती की दुआ करें।
यूक्रेन में फंसे फिरोजपुर के 12 विद्यार्थी
पंजाब के फिरोजपुर जिले के 18 विद्यार्थी में से छह भारत लौट चुके हैं। 12 विद्यार्थी यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हैं। खारकीव में फंसीं साक्षी भूखी-प्यासी पैदल चलकर सीमा पर सुरक्षित जगह पहुंचने का प्रयास कर रहीं हैं। छात्रा साक्षी की मां कहती हैं कि उनकी बेटी वर्ष 2018 में यूक्रेन के खारकीव में एमबीबीएस करने गई थी। नौ दिन हो चुके हैं, खाने पीने को कुछ नहीं मिल रहा है।
भारत और यूक्रेन सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है। हमारी और बेटी की उम्मीद टूटती जा रही है। उनकी बेटी साक्षी रोजाना 25 किलोमीटर पैदल भूखी-प्यासी सीमा पर पहुंचने का प्रयास कर रही है। साक्षी किसी गांव में फंसी है और पांव में छाले पड़ चुके हैं। मां कहती है कि भूखा प्यासा व्यक्ति किस तरह पैदल चल सकेगा।
चाहत निवासी फिरोजपुर कैंट, उतकरस निवासी फिरोजपुर कैंट, गगनदीप सिंह निवासी गांव अलीवाला, जिला फिरोजपुर, तनवी निवासी फिरोजपुर शहर, सौम्या निवासी फिरोजपुर शहर व सविंदर सिंह निवासी मुदकी जिला फिरोजपुर यूक्रेन से लौट आए हैं।
खरकीव में फंसे फिरोजपुर के विद्यार्थी
- फिरोजपुर कैंट निवासी रूचिका शर्मा
- मक्खू निवासी अजय अहुजा
- मुदकी निवासी खुशप्रीत सिंह
- मलसियां कलां निवासी लवइंद्रप्रीत सिंह
- जीरा निवासी लवप्रीत सिंह
कीव में फंसे विद्यार्थी
- फिरोजपुर कैंट निवासी प्राकृति
- जीरा निवासी जगदीप सिंह
- जीरा निवासी रमनदीप कौर
पोल्टावा में फंसे विद्यार्थी
- फिरोजपुर शहर निवासी जसनदीप सिंह
- फिरोजशाह निवासी सिमरनजीत सिंह
अन्य स्थानों पर फंसे विद्यार्थी
- ओडेशा में करिकलां निवासी लवप्रीत कौर
- चेर्नित्सि में जीरा निवासी आकांशा