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सिम बंद करने का झांसा देकर खाते से उड़ाए छह लाख
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चंडीगढ़। सेक्टर-22 निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से शातिर ने झांसा देकर 6 लाख 80 हजार रुपये उड़ा लिए। दरअसल, व्यक्ति को सिम बंद होने का मैसेज भेजा गया, जब उसने मैसेज वाले नंबर पर फोन किया तो शातिर ने खुद को एयरटेल कंपनी का अधिकारी बताकर ‘क्विक सपोर्ट’ एप डाउनलोड करवाया और खाते से रकम उड़ा ली। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-22 निवासी सुनील सरन ने बताया कि रविवार को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था कि उनके एयरटेल सिम की सेवा समाप्त की जा रही है। सिम को अपडेट करने के लिए एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। उन्होंने उस नंबर पर कॉल कर दिया। शातिर ने कहा कि वह दीपक वर्मा एयरटेल कंपनी से बोल रहा है। वह अपने मोबाइल से 10 रुपये का रिचार्ज करें, लेकिन रिचार्ज नहीं हुआ। शातिर ने कहा आप सिम को आईफोन में इस्तेमाल कर रहे हैं। सिम को एंड्रायड फोन में लगाना होगा तभी यह शिकायत दूर होगी। शातिर के कहने पर उन्होंने सिम को एंड्रायड मोबाइल पर लगवाया। उसने सिम अपडेट करने का झांसा देकर क्विक सपोर्ट एप को मोबाइल में इंस्टाल करने को कहा। जैसे एप को इंस्टाल किया तो अलग अलग कई ट्रांजेक्शन में कुल 6 लाख 80 हजार रुपये उड़ गए। पुलिस अब शातिर के मोबाइल नंबर का डिटेल खंगाल रही है।
क्विक सपोर्ट एप से मोबाइल कर लिया एक्सेस
क्विक सपोर्ट एप से मोबाइल को एक्सेस किया जा सकता है। इस एप को डाउनलोड कराने के बाद साइबर अपराधी एक नंबर पूछते हैं, यह नंबर एप डाउनलोड करने के बाद आता है। अपराधी अपने मोबाइल पर भी इस एप को रखते हैं। जैसे ही नंबर पता चलता है, वह अपने मोबाइल के एप में डालते हैं। इससे जिस किसी व्यक्ति को शिकार बनाया जाता है, उसके मोबाइल की स्क्रीन देखने लगते हैं। एप के माध्यम से मोबाइल को एक्सेस भी किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में जानकारी जुटा लें।
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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-22 निवासी सुनील सरन ने बताया कि रविवार को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था कि उनके एयरटेल सिम की सेवा समाप्त की जा रही है। सिम को अपडेट करने के लिए एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। उन्होंने उस नंबर पर कॉल कर दिया। शातिर ने कहा कि वह दीपक वर्मा एयरटेल कंपनी से बोल रहा है। वह अपने मोबाइल से 10 रुपये का रिचार्ज करें, लेकिन रिचार्ज नहीं हुआ। शातिर ने कहा आप सिम को आईफोन में इस्तेमाल कर रहे हैं। सिम को एंड्रायड फोन में लगाना होगा तभी यह शिकायत दूर होगी। शातिर के कहने पर उन्होंने सिम को एंड्रायड मोबाइल पर लगवाया। उसने सिम अपडेट करने का झांसा देकर क्विक सपोर्ट एप को मोबाइल में इंस्टाल करने को कहा। जैसे एप को इंस्टाल किया तो अलग अलग कई ट्रांजेक्शन में कुल 6 लाख 80 हजार रुपये उड़ गए। पुलिस अब शातिर के मोबाइल नंबर का डिटेल खंगाल रही है।
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क्विक सपोर्ट एप से मोबाइल कर लिया एक्सेस
क्विक सपोर्ट एप से मोबाइल को एक्सेस किया जा सकता है। इस एप को डाउनलोड कराने के बाद साइबर अपराधी एक नंबर पूछते हैं, यह नंबर एप डाउनलोड करने के बाद आता है। अपराधी अपने मोबाइल पर भी इस एप को रखते हैं। जैसे ही नंबर पता चलता है, वह अपने मोबाइल के एप में डालते हैं। इससे जिस किसी व्यक्ति को शिकार बनाया जाता है, उसके मोबाइल की स्क्रीन देखने लगते हैं। एप के माध्यम से मोबाइल को एक्सेस भी किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में जानकारी जुटा लें।
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