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चंडीगढ़: डेंगू से स्थिति घातक, अस्पतालों में नहीं बचे बेड, मरीजों को लेकर भटक रहे परिजन, स्वास्थ्य विभाग की तैयारी महज कागजी
Tue, 12 Oct 2021 09:45 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 12 Oct 2021 09:45 PM IST
सार
जीएमएसएच- 16 की इमरजेंसी में बनाया गया 20 बेड का डेंगू वार्ड फुल होने के बाद से मरीजों को ईएनटी, सर्जरी, मेडिसिन वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती किया जा रहा है। अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं।
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dengue
- फोटो : istock
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विस्तार
शहर में डेंगू से स्थिति घातक होती जा रही है। आलम यह है कि अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं। जान बचाने के लिए मरीजों को स्ट्रेचर पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वहीं, कोरोना के नाम पर सरकारी और निजी अस्पतालों में 480 बेड आरक्षित रखे गए हैं। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग डेंगू से बचाव की तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वास्तविकता चौंकाने वाली है। बचाव के नाम पर कागजी आदेश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में ही मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
हकीकत यह है कि जीएमएसएच- 16 की इमरजेंसी में बनाया गया 20 बेड का डेंगू वार्ड फुल होने के बाद से मरीजों को ईएनटी, सर्जरी, मेडिसिन वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन मरीजों की सुरक्षा के लिए उन वार्डों में मच्छरदानी लगाने तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
हालांकि मोहाली और पंचकूला की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भी डेंगू से बचाव के लिए कागजी कार्रवाई मजबूत करनी शुरू कर दी है। शनिवार को निगम व स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
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यह भी पढ़ें: चंडीगढ़: शहर में अचानक बढ़ी बिजली कटौती, धर्मपाल बोले- चिंता की कोई बात नहीं
इसके अलावा फॉगिंग, लापरवाहों को नोटिस जारी करने व लोगों को जागरूक करने को भी कहा गया है। निगम को इस अभियान के लिए 5 सफाई निरीक्षक, 50 बेलदार, एक गाड़ी, 4 फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह को हॉट स्पॉट चिह्नित करने को कहा गया है।
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हकीकत यह है कि जीएमएसएच- 16 की इमरजेंसी में बनाया गया 20 बेड का डेंगू वार्ड फुल होने के बाद से मरीजों को ईएनटी, सर्जरी, मेडिसिन वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन मरीजों की सुरक्षा के लिए उन वार्डों में मच्छरदानी लगाने तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
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हालांकि मोहाली और पंचकूला की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भी डेंगू से बचाव के लिए कागजी कार्रवाई मजबूत करनी शुरू कर दी है। शनिवार को निगम व स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
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यह भी पढ़ें: चंडीगढ़: शहर में अचानक बढ़ी बिजली कटौती, धर्मपाल बोले- चिंता की कोई बात नहीं
इसके अलावा फॉगिंग, लापरवाहों को नोटिस जारी करने व लोगों को जागरूक करने को भी कहा गया है। निगम को इस अभियान के लिए 5 सफाई निरीक्षक, 50 बेलदार, एक गाड़ी, 4 फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह को हॉट स्पॉट चिह्नित करने को कहा गया है।
- केस- 1
- केस- 2
प्लेटलेट्स देने से नहीं आती कमजोरी
पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में प्लेटलेट्स की मांग 20 से 25 फीसदी बढ़ी है। प्लेटलेट्स देने से कमजोरी नहीं आती। महीने में दो बार और साल में 24 बार दिया जा सकता है। प्लेटलेट्स देने वाले से मशीन के जरिये खून से केवल प्लेटलेट्स लिया जाता है।
डोनर के लिए बने अलग व्यवस्था
श्री शिव कावंड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार संगर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को प्लेट्लेटस डोनरों के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था करनी चाहिए, क्योंकि स्वैच्छिक दाता को प्लेटलेट्स देने के लिए पांच से सात घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
डेंगू से बचाव के लिए ऐसा करें
ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू ग्रस्त मरीज को काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से संक्रमण फैलता है। यह मच्छर दिन केसमय काटता है और साफ जगहों पर रहता है।
अस्पतालों में डेंगू की स्थिति
अस्पताल भर्ती मरीज
पीजीआई 140
जीएमएसएच-16 90
जीएमसीएच- 32 122
सितंबर से अब तक इतने मिले डेंगू ग्रस्त
पीजीआई 423
जीएमसीएच-32 344
जीएमएसएच-16 165
इन अस्पतालों में कोविड के लिए इतने बेड आरक्षित
अस्पताल बेड
पीजीआई 74
जीएमसीएच-32 62
जीएमएसएच-16 242
सीविल अस्पताल-45 42
ईडन हॉस्पिटल 5
सिटी हॉस्पिटल 9
लैंडमार्क हॉस्पिटल 6
मुकुट हॉस्पिटल 13
हीलिंग हॉस्पिटल 12
संतोख हॉस्पिटल 10
के यर पाटनर्स 5
पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में प्लेटलेट्स की मांग 20 से 25 फीसदी बढ़ी है। प्लेटलेट्स देने से कमजोरी नहीं आती। महीने में दो बार और साल में 24 बार दिया जा सकता है। प्लेटलेट्स देने वाले से मशीन के जरिये खून से केवल प्लेटलेट्स लिया जाता है।
डोनर के लिए बने अलग व्यवस्था
श्री शिव कावंड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार संगर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को प्लेट्लेटस डोनरों के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था करनी चाहिए, क्योंकि स्वैच्छिक दाता को प्लेटलेट्स देने के लिए पांच से सात घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
डेंगू से बचाव के लिए ऐसा करें
- छोटे डिब्बों व ऐसे स्थानों से पानी निकाले जहां हमेशा पानी भरा रहता हो।
- फुल बाजू वाले कपड़े पहने।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पानी एकत्र करने से बचें।
- एकत्र किये गये पानी को खुला न छोड़ें।
- कीटनाशक का प्रयोग करें।
ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू ग्रस्त मरीज को काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से संक्रमण फैलता है। यह मच्छर दिन केसमय काटता है और साफ जगहों पर रहता है।
अस्पतालों में डेंगू की स्थिति
अस्पताल भर्ती मरीज
पीजीआई 140
जीएमएसएच-16 90
जीएमसीएच- 32 122
सितंबर से अब तक इतने मिले डेंगू ग्रस्त
पीजीआई 423
जीएमसीएच-32 344
जीएमएसएच-16 165
इन अस्पतालों में कोविड के लिए इतने बेड आरक्षित
अस्पताल बेड
पीजीआई 74
जीएमसीएच-32 62
जीएमएसएच-16 242
सीविल अस्पताल-45 42
ईडन हॉस्पिटल 5
सिटी हॉस्पिटल 9
लैंडमार्क हॉस्पिटल 6
मुकुट हॉस्पिटल 13
हीलिंग हॉस्पिटल 12
संतोख हॉस्पिटल 10
के यर पाटनर्स 5