फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   SIT of senior officials will be formed to investigate Shubhakaran's death.

Chandigarh News: शुभकरण की मौत की जांच के लिए बनेगी उच्चाधिकारियों की एसआईटी

Thu, 30 May 2024 04:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 04:01 AM IST
विज्ञापन
SIT of senior officials will be formed to investigate Shubhakaran's death.
हरियाणा सरकार को उच्चाधिकारियों के नाम प्रस्तावित करने का जारी किया आदेश
विज्ञापन



शंभू बॉर्डर को खोलने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार से मांगा जवाब



चंडीगढ़। प्रदर्शन के दौरान हुई युवा किसान शुभकरण मौत के मामले में जांच अब हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एसआईटी करेगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इसके लिए नाम प्रस्तावित करने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई के दौरान हाईवे बंद होने के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठा तो हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार से शंभू बॉर्डर को लेकर जवाब तलब कर लिया।


शुभकरण सिंह की 21 फरवरी को पंजाब-हरियाणा सीमा पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस की ओर से चलाई गई गोली लगने से उसकी मौत हुई है। इस मामले में पंचकूला निवासी एडवोकेट उदय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए जांच की मांग की थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि जांच उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों को सौंपी जानी चाहिए। ऐसे में अगली सुनवाई पर हरियाणा सरकार ऐसे अधिकारियों के नाम प्रस्तावित करें, जिन्हें एसआईटी में शामिल किया जा सके। इस दौरान याची ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान बंद किया गया शंभू बॉर्डर अभी तक बंद है, इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार हाईवे को इतने लंबे समय के लिए कैसे बंद रखा जा सकता है। हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर इस बारे में पक्ष रखने का आदेश दिया है।
विज्ञापन




न्यायिक कमेटी कर रही है जांच
हाईकोर्ट ने सात मार्च को शुभ करण सिंह की मौत की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर को सौंपी गई थी। उनके साथ हरियाणा के एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लों व पंजाब के एडीजीपी प्रमोद बन को कमेटी का हिस्सा बनाया गया था। कमेटी को जांच करनी थी कि शुभकरण की मौत हरियाणा के क्षेत्राधिकार में हुई थी या पंजाब के क्षेत्र में, मौत का कारण क्या था और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किया था। क्या वह परिस्थितियों के अनुरूप था या नहीं और शुभकरण की मौत के मुआवजे को लेकर भी कमेटी को फैसला लेना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed