अंतिम विदाई: बहन ने राखी निकाली... कर्नल मनप्रीत को बांधी, कहा- क्या पता था कि अब कभी नहीं बांध पाऊंगी
कर्नल मनप्रीत सिंह को पहली कक्षा में पढ़ाने वाली शिक्षिका आशा चड्ढा ने कहा कि वह एक असाधारण विद्यार्थी था। केंद्रीय विद्यालय में हर परिणाम में अव्वल आता था। उनके बलिदान से हम आज बहुत दुखी हैं लेकिन साथ ही गर्व है कि हम एक बलिदानी के शिक्षक हैं।
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अनंतनाग में सर्वोच्च बलिदान देने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भड़ौंजियां में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह करीब 11:30 बजे उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर पहुंचते ही कर्नल मनप्रीत अमर रहें... भारत माता की जय... के नारे गूंज उठे। मनप्रीत की अंतिम यात्रा में हजारों लोग उमड़े और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बहन संदीप कौर ताबूत से लिपटकर लगी और राखी निकाल कर्नल मनप्रीत को बांधी। इस दौरान बहन कह रही थीं कि इस बार भाई को राखी नहीं बांध पा सकी लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह आगे कभी भी भाई को राखी नहीं बांध सकेंगी।
मनप्रीत के भाई संदीप सिंह ने सैनिक की वर्दी पहने कर्नल के सात साल के बेटे कबीर को साथ लेकर मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देने से पहले बेटे ने पिता को सैल्यूट किया और कहा- पापा जय हिंद। वहीं, सेना के जवानों ने बैंड और मार्मिक धुन बजाकर बलिदानी को आखिरी सलामी दी।
तिरंगा लेते वक्त पत्नी की छलकीं आंखें
बलिदानी मनप्रीत सिंह की पार्थिव देह जब श्मशानघाट ले जाई गई तो उनकी मां और पत्नी बेसुध सी बैठी रहीं। सेना के अधिकारियों ने जब मनप्रीत की पत्नी को तिरंगा सौंपा तो उनकी आंखें छलक उठीं। परिजनों ने उन्हें संभाला और दिलासा दिया। कर्नल मनप्रीत की बेटी वाणी अपने नाना की गोद में लिपटी रही।
अंतिम यात्रा में पंजाब के मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, मंत्री अनमोल गगन मान भी शामिल हुईं। कर्नल मनप्रीत के बेटे ने आर्मी की ड्रेस पहनकर अपने पिता को सैल्यूट किया। इस दौरान आईजी एचएस भुल्लर, एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग और डीसी आशिका जैन समेत आला अधिकारी मौजूद रहे। पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बनवारीलाल पुरोहित और कैबिनेट मंत्री अनमोल गगनमान ने परिवार को सांत्वना दी। पूर्व सेना प्रमुख वीपी मलिक समेत आसपास के इलाके से सेना के पूर्व अधिकारी, उनकी बटालियन 12 सिख लाइट इन्फेंट्री और आरआर 19 बटालियन के अधिकारी और कर्मचारी भी अंतिम यात्रा में पहुंचे।

शिक्षिका बोलीं- मनप्रीत के बलिदान पर गर्व
कर्नल मनप्रीत सिंह को पहली कक्षा में पढ़ाने वाली शिक्षिका आशा चड्ढा ने कहा कि वह एक असाधारण विद्यार्थी था। केंद्रीय विद्यालय में हर परिणाम में अव्वल आता था। उनके बलिदान से हम आज बहुत दुखी हैं लेकिन साथ ही गर्व है कि हम एक बलिदानी के शिक्षक हैं जिसने देश के लिए जीवन बलिदान कर दिया।