सिंधुताई को मिला नीरजा भनोट अवार्ड, अनाथ बच्चों को दिया सहारा
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विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष की मिसाल बनकर समाज के सामने उदाहरण पेश करने वाली महिलाओं के लिए शुरू किया गया नीरजा भनोट अवार्ड इस वर्ष पुणे निवासी सिंधुताई सपकल को दिया गया। उन्होंने 1400 अनाथ बच्चों को सहारा देकर समाज के सामने मिसाल पेश की।
अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में नीरजा भनोट के पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में यह पुरस्कार पद्मश्री रीमा नानावते ने दिया। इस कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन ने शामिल होने के लिए सहमति दी थी, लेकिन उनके परिवार में हादसा होने के कारण वह शामिल नहीं हो सके।
बता दें कि चंडीगढ़ की नीरजा भनोट ने सितंबर 1986 में हाईजैक हुए प्लेन में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद होकर कई लोगों की जान बचाई थी। यह पुरस्कार उन भारतीय महिलाओं को दिया जाता है, जिन्होंने सामाजिक अन्याय जैसे दहेज आदि की पीड़ा सही और विषम परिस्थितियों से निकलकर शोषित महिलाओं का सहारा बन कर समाज के सामने उदाहरण पेश किया हो।
सिंधुताई महाराष्ट्र के जिला वर्धा के एक छोटे से गांव में जन्म लिया। उनके अभिभावक सिंधुताई को चिंडी यानि कपड़े का एक टुकड़ा कह कर पुकारते थे, क्योंकि वह लड़की नहीं चाहते थे। वह चौथी क्लास तक पढ़ीं। इसके बाद उनकी शादी उनसे काफी बड़े व्यक्ति से कर दी गई।
अहमदाबाद में पद्मश्री रीमा नानावते ने किया सम्मानित
20 वर्ष की उम्र जब वह गर्भवती थीं तो उनका पति उन्हें बुरी तरह से पीटता था। उनका पति पशुओं के तबेले में उन्हें छोड़ देता था। तबेले में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। जिंदगी से तंग आकर उन्होंने कई बार आत्मदाह का प्रयास किया। वह श्मशान घाट में रहती थीं और भीख मांग कर अपना निर्वाह करती रहीं।
वर्तमान में उनके पुणे स्थित घर में 41 लड़के और 25 लड़कियां पांच मंजिल इमारत, एक स्टडी रूम, एक प्लेरूम और कंप्यूटर रूम में रहते हैं। इस अवसर पर पद्मश्री रीमा नानावते ने कहा कि नीरजा व सिंधुताई जैसी महिलाएं आज समाज के लिए प्रेरणा स्वोत हैं।
उन्होंने नीरजा भनोट की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि इससे समूचे समाज को प्रेरणा लेने की जरूरत है। इस अवसर पर नीरजा भनोट ट्रस्ट के प्रबंधक अखिल भनोट, तथा अनीश भनोट ने नीरज भनोट अवार्ड के बारे में जानकारी देते हुए इसे भविष्य में भी जारी रखने का एलान किया।
इस पुरस्कार के तहत डेढ़ लाख रुपये और एक स्मृति चिह्न दिया जाता है। अवार्ड ज्यूरी में रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक क्लब के ब्रिगेडियर दलजीत सिंह ढिल्लों, ब्रिगेडियर जेसी शर्मा और अशोक लारोईया शामिल थे।