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कनाडा में सिख महिला को दस्तार पहनने पर बदलना पड़ा राज्य
Tue, 27 Aug 2019 01:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, अमृतसर
अमर उजाला ब्यूरो, अमृतसर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 27 Aug 2019 01:48 AM IST
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SGPC Punjab
- फोटो : File Photo
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कनाडा के क्यूबेक राज्य के मोंट्रियल शहर में एक सिख महिला अमृत कौर को दस्तार सजाने और ककार पहनने के कारण अपना घर व स्टेट छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गंभीर नोटिस लिया है।
एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि वह जल्द ही विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलकर इस मामले के हल के लिए आवाज उठाएंगे। इसके अलावा एसजीपीसी देश स्थित सभी विदेशी दूतावासों के साथ संपर्क कर सिख ककारों के बारे में जानकारी भी उपलब्ध करवाएगी।
एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलवंत सिंह रमदास के अनुसार बीबी अमृत कौर एक अध्यापक है। धर्म निरपेक्षता के नाम पर सिख ककारों को पहनकर सरकारी संस्थानों में काम करने की मनाही के कारण बीबी अमृत कौर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इस कानून के कारण बीबी अमृत कौर को क्यूबेक राज्य से बीसी में शिफ्ट होना पड़ा है।
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इस कानून को धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा है कि इस प्रकार के कानून पर कनाडा सरकार सिखों को फिर से विचार करना चाहिए और लोगोे को धार्मिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कनाडा में सिखों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। ऐसे कानून खत्म होने चाहिए। जिस देश में कई पंजाबी सांसद है, रक्षा मंत्री साबत सूरत सिख है, उस देश में सिखों के ककारों पर आपत्ति ठीक नहीं है।
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एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि वह जल्द ही विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलकर इस मामले के हल के लिए आवाज उठाएंगे। इसके अलावा एसजीपीसी देश स्थित सभी विदेशी दूतावासों के साथ संपर्क कर सिख ककारों के बारे में जानकारी भी उपलब्ध करवाएगी।
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एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलवंत सिंह रमदास के अनुसार बीबी अमृत कौर एक अध्यापक है। धर्म निरपेक्षता के नाम पर सिख ककारों को पहनकर सरकारी संस्थानों में काम करने की मनाही के कारण बीबी अमृत कौर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इस कानून के कारण बीबी अमृत कौर को क्यूबेक राज्य से बीसी में शिफ्ट होना पड़ा है।
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इस कानून को धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा है कि इस प्रकार के कानून पर कनाडा सरकार सिखों को फिर से विचार करना चाहिए और लोगोे को धार्मिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कनाडा में सिखों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। ऐसे कानून खत्म होने चाहिए। जिस देश में कई पंजाबी सांसद है, रक्षा मंत्री साबत सूरत सिख है, उस देश में सिखों के ककारों पर आपत्ति ठीक नहीं है।