पंजाबः पाक जाने वाले जत्थे को अटारी स्टेशन पर रोका, वीजा न देने पर भारत ने जताया विरोध
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मूल नानक शाही कैलेंडर के अनुसार 16 जून को पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को मनाने के लिए पाकिस्तान जाने वाले 130 श्रद्धालुओं के जत्थे को अटारी रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया। अटारी रेलवे स्टेशन मास्टर को इन श्रद्धालुओं को पाकिस्तान भेजने के बारे में कोई भी क्लीयरेंस नहीं मिली।
इसके कारण सिख श्रद्धालुओं को लेने पाकिस्तान के वाघा रेलवे स्टेशन से अटारी आने वाली स्पेशल गाड़ी को अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं देर शाम भारत ने अपने 87 सिख श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार किए जाने पर पाकिस्तान सरकार के सामने सख्त शब्दों में विरोध दर्ज कराया है।
अटारी स्टेशन पर गाड़ी न पहुंचने के विरोध में पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं ने केंद्र व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरुद्ध नारेबाजी की। कई श्रद्धालु अटारी रेलवे स्टेशन के बाहर लेट गए। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद सभी श्रद्धालु लौट गए।
जब तक मुझे जत्था भेजने की स्वीकृति नहीं मिल जाती तब तक श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन के भीतर प्रवेश करने की आज्ञा नहीं दे सकता। न ही उनको कस्टम और इमीग्रेशन के लिए कह सकता हूं। -अरविंद कुमार गुप्ता, स्टेशन मास्टर
मूल और संशोधित कैलेंडर में शहीदी पर्व की तारीखों का विवाद नहीं सुलझा
एसजीपीसी और पीएसजीपीसी मूल व तीन बार संशोधित नानकशाही कैलेंडर में पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को लेकर तारीखों के विवाद को अभी तक सुलझा नहीं सकी है। एसजीपीसी श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व संशोधित नानकशाही कैलेंडर के अनुसार 7 जून को आयोजित करती है।
पीएसजीपीसी मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार 16 जून को शहीदी पर्व का आयोजन करती है। इस कारण दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को पीएसजीपीसी ने 16 जून के अनुसार वीजा जारी करने की हिदायत दी हुई है। वीजा न मिलने के कारण एसजीपीसी अपना जत्थे पाक नहीं भेज रही। कुछ सिख संगठन मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी पर्व मनाने के लिए कुछ श्रद्धालुओं को पाकिस्तान भेजते हैं। पाकिस्तान दूतावास भी इन श्रद्धालुओं को वीजा जारी करता है।
सीमित वीजा जारी करने का विरोध
सूत्रों का कहना है कि जिन श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार किया गया वे आधिकारिक जत्थे का हिस्सा थे। भारतीय श्रद्धालुओं के एक निजी समूह को सीमित वीजा जारी किया गया था। सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने इन श्रद्धालुओं के लिए 1974 के धर्मस्थल की यात्रा करने के द्विपक्षीय समझौते के आधार पर वीजा जारी करने का अनुरोध किया था।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा भारतीय श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और श्रद्धा के प्रति असम्मान दिखाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है, खासकर पाकिस्तान द्वारा एकतरफा तरीके से भारतीय तीर्थयात्रियों के एक निजी समूह को सीमित वीजा (केवल ट्रेन से यात्रा) देने पर। सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से बिना किसी प्रतिबंध के तुरंत वीजा जारी करने के लिए कहा है।