सिद्धू ने अकाल तख्त से माफी मांगी
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गुरबाणी के तुकों को गलत ढंग से बोलने के मामले में पूर्व सांसद व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिर श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र भेजकर माफी मांग ली है। नवजोत सिंह सिद्धू के लेटर हेड वाला यह पत्र भाजपा के पूर्व पार्षद सुखदेव सिंह चाहल ने सोमवार बाद दोपहर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के पास पहुंचाया है।
पत्र में सिद्धू ने अनजाने में हुई गलती के लिए माफी मांगी है। वहीं जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि पांच सिंह साहिबान की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सामूहिक रूप में जो फैसला होगा, उसी के अनुसार ही सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सिद्धू ने जो माफीनामा भेजा है उसमें संगत से क्षमा मांगी गई है। सिद्धू ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र तो लिखा है, लेकिन पत्र में संबोधन श्री सिंह साहिब जिओ का है। पत्र में सिद्धू ने श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित होने की बात स्वीकार की है। विदित रहे कि गत माह सिद्धू लुधियाना में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र पंक्तियों के हेरफेर के मामले में फंसे थे।
माफीनामे में सिद्धू ने ये लिखा है
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।
सतकार योग्य
श्री सिंह साहिब जियो,
निम्रता सहित बेनती है कि दास गुरु का विनम्र जैसा भूलनहार सिख है। दास द्वारा अनजाने में लोकसेवा में भाग लेते हुए कुछ कहा है। इसके बाद सिख संगत को ठेस पहुंची है।
इसके लिए मैं सिख संगत से लाख-लाख बार क्षमा मांगता हूं। मैं धर्म में आस्था व श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जीवन के लिए निर्देश लेकर ही आगे बढ़ा हूं। दास जहां अमृत समय उठ गुरु आगे झुकता है। वहां श्री अकाल तख्त साहिब को भी समर्पित है।
भुलण अंदरि सबु के
अभुलु गुरु करतारू।
गुरु पंथ दा दास
नवजोत सिंह सिद्धू