फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   29 newborn care units will be converted into Mother-Newborn Care Units by November 1.

Chandigarh-Haryana News: एक नवंबर तक 29 नवजात देखभाल इकाइयां बनेंगी मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट

विज्ञापन
आठ नए मातृ-शिशु स्वास्थ्य विंग्स का निर्माण भी होगा तेज
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की सभी 29 विशेष नवजात देखभाल इकाइयों (एसएनसीयू) को एक नवंबर तक मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) में बदलने के निर्देश दिए हैं। इससे इलाज के दौरान मां और बच्चे को एक-दूसरे के करीब रखने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में 8 नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग्स के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा है। इन केंद्रों में महिलाओं और बच्चों को बेहतर और एकीकृत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार चाहती है कि मां और बच्चे की रिकवरी को एक साथ बेहतर बनाया जाए। मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 94 और नवजात मृत्यु दर 26 से घटकर 17 हो गई है। इसके अलावा प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) की संख्या 40 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। 38 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की गई है।


हर जिला अस्पताल में बनेगा बाल देखभाल केंद्र

सरकार सभी जिला अस्पतालों में बाल देखभाल केंद्र स्थापित करेगी। इसका फायदा उन महिला कर्मचारियों और मरीजों को मिलेगा जिन्हें अस्पताल आने के दौरान बच्चों की देखभाल की जरूरत होती है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें खास तौर पर हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान, समय पर रेफरल और बाद की देखभाल के लिए मजबूत किया जाएगा। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए नियमित प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा। महिला क्लीनिकों को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed