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India Justice Report: हरियाणा की अदालतों में 29 फीसदी जजों के पद खाली, जेलों में 22 प्रतिशत कैदी ज्यादा
Wed, 16 Apr 2025 01:38 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 01:38 AM IST
सार
हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल के भी 39 फीसदी पद खाली है, जो पश्चिम बंगाल के बाद सबसे ज्यादा हैं। पुलिस पद भरने में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण में भी कमी है।
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सीएम नायब सैनी
- फोटो : ANI
विस्तार
हरियाणा की अदालतों में जजों की भारी कमी है। जिला अदालतों में जहां 29 फीसदी जज नहीं है, वहीं पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 40 फीसदी न्यायधीश नहीं है। राज्य में अधीनस्थ न्यायपालिका में स्वीकृत न्यायाधीशों की तुलना में 25 फीसदी कोर्टरूम तक नहीं है। जजों व कोटरूम की इस कमी के मामले में हरियाणा के देश के 18 बड़े राज्यों में पहले नंबर पर है। इसका खुलासा इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2025(आईजेआर) में हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की जेलों की स्थिति में भी सुधार की जरूरत है। राज्य की जेलों में क्षमता से 22 फीसदी अधिक कैदी बंद हैं और उनको संभालने के लिए जेल प्रशासन के पास 35 फीसदी कर्मचारियों की कमी है। जेलों में कैदियों व हवालातियों का इलाज करने के लिए 47 फीसदी चिकित्सा अधिकारी तक नहीं है। वहीं, 11 सुधार कर्मचारियों के स्वीकृत पदों पर सरकार ने एक भी तैनाती नहीं की।
इसी का परिणाम है कि प्रदेश की 20 जेलों में से हर 4 में से 1 में 150-250 फीसदी की ऑक्यूपेंसी रेट है। साल 2022 तक इन बंदियों में से 27 फीसदी विचाराधीन कैदी थे जो 1-3 साल तक हिरासत में थे। यह आंकड़ा 18 बड़े राज्यों में सबसे अधिक है।
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रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की जेलों की स्थिति में भी सुधार की जरूरत है। राज्य की जेलों में क्षमता से 22 फीसदी अधिक कैदी बंद हैं और उनको संभालने के लिए जेल प्रशासन के पास 35 फीसदी कर्मचारियों की कमी है। जेलों में कैदियों व हवालातियों का इलाज करने के लिए 47 फीसदी चिकित्सा अधिकारी तक नहीं है। वहीं, 11 सुधार कर्मचारियों के स्वीकृत पदों पर सरकार ने एक भी तैनाती नहीं की।
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इसी का परिणाम है कि प्रदेश की 20 जेलों में से हर 4 में से 1 में 150-250 फीसदी की ऑक्यूपेंसी रेट है। साल 2022 तक इन बंदियों में से 27 फीसदी विचाराधीन कैदी थे जो 1-3 साल तक हिरासत में थे। यह आंकड़ा 18 बड़े राज्यों में सबसे अधिक है।
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