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तानों से डर से पिता को छोड़ गया ‘मोची दा पुत्त’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Apr 2014 10:53 AM IST
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पंजाब कला भवन ओपन एयर थिएटर में सोमवार को लघु नाटक ‘मोची दा पुत्त’ का मंचन किया गया।
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यह रंगकर्मी सीएस सिंदरा को समर्पित तीन दिन के शॉर्ट प्ले फेस्टिवल के अंतर्गत मंचित किया गया। इसका निर्देशन आशीष शर्मा ने किया।
नाटक शुरू होता है एक ऐसे मोची की जिंदगी से, जो अपनी छोटी जात के कारण हर किसी के ताने सुनता है। मोची का एक लड़का भी है जिसे वह खूब पढ़ाना चाहता है। मोची उसे पढ़ाने के लिए बाहर भेजना चाहता है।
लोग उसे खूब ताने देते हैं और कहते हैं कि मोची का लड़का क्या पढ़ेगा। हालांकि वह अपने बेटे को पढ़ने के लिए प्रेरित करता रहता है। अंत में मोची के बेटे को एक अच्छी सरकारी नौकरी मिल जाती है और सबके मुंह पर ताले लग जाते हैं।
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अंत में मोची का बेटा भी लोगों के डर से अपनी जात सब से छुपाने लगता है और अंत में वह पिता से दूर चला जाता है। यह देखकर मोची भी बेटे की जिंदगी की भलाई के लिए उसे छोड़ दूर चला जाता है।
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नाटक गुरशरण सिंह द्वारा लिखित है जिसे मंच पर दलजीत सिंह, गगनदीप सिंह, गोल्डी लांबा, आशीष शर्मा , कपिल, विक्की, हरमिंदर सिंह ने उतारा।