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पलभर में दुकानदार बना करोड़पति, देखिए कैसे खुला उसकी किस्मत का ताला

Sat, 19 Aug 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा) Updated Sat, 19 Aug 2017 09:15 AM IST
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shopkeeper became millionaires, found ancient coin in garbage
567 साल पुराना इस्लामिक सिक्का
सीट कवर बनाने की छोटी सी दुकान चलाने वाला पलभर में करोड़ों का मालिक बन गया। मामला हरियाणा के सिरसा में डबवाली का है। सिरसा रोड के एक दुकानदार के पास करीब 567 साल पुराना इस्लामिक सिक्का है। दुबई के एक व्यक्ति ने इतिहासिक सिक्के की कीमत डेढ़ करोड़ रुपय लगाई है। दुकानदार इसे साढ़े तीन करोड़ रुपये में बेचना चाहता है।
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शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित जिला बठिंडा के गांव डूमवाली निवासी गोरीशंकर उर्फ विक्की डबवाली के सिरसा रोड पर सीट बनाने का काम करता है। इन दिनों मंदवाडे के कारण घर का पुराना सामान बेचकर पेट पाल रहा है। बीते रविवार को सफाई करते समय संदूक में से एक सिक्का मिला।
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जंग लगे सिक्के को अच्छी तरह से साफ किया तो उर्दू भाषा में कुछ लिखा नजर आया। यह पता था कि सिक्का इतिहासिक है। लेकिन क्यों हैं, सिक्के पर क्या लिखा है? यह जानने के लिए वह नरसिंह कॉलोनी स्थित मस्जिद में आ पहुंचा। वहां सिक्का देखकर मौलवी दंग रह गए। 
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बांग्लादेश में दो तथा पाकिस्तान में एक ने लगाई बोली

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567 साल पुराना इस्लामिक सिक्का
मौलवी ने बताया कि इस्लामिक कलेंडर अनुसार सिक्का वर्ष 1450 के समय का है। जिस पर मदीना शहर लिखा हुआ है। करीब 567 वर्ष पुराने सिक्के की फोटो अपने मित्रों के जरिए दुबई तक पहुंचाई तो वहां के एक व्यक्ति ने डेढ़ करोड़ रुपये कीमत लगाई है। गोरीशंकर के अनुसार इंटरनेट पर शॉपिंग वेबसाइट पर इस तरह के सिक्के का बेस प्राइज 3 करोड़ रुपये मिल रहा है। बांग्लादेश में दो तथा पाकिस्तान में एक सिक्के की बोली लगाई गई है। सिक्के को काफी रेयर माना गया है। वह सिक्के को साढ़े तीन करोड़ रुपये में बेच देगा।

नाना ने दिया था, अहमियत पता चली तो लॉकर में रखा
गोरीशंकर के अनुसार उसके नाना चिंरजी लाल ने उन्हें यह सिक्का दिया था। वे गुरुग्राम में सरकारी मुलाजिम थे। यहां तक उसे पता है कि उसके नाना को उपरोक्त सिक्का उनके नाना ने दिया था। नाना ने सिक्के को संभालकर रखने के लिए कहा था। उसने सिक्के की अहमियत को समझकर बैंक के लॉकर में रखवा दिया है।
फोटो विवरण : इस्लामिक सिक्का दिखाते हुए गोरीशंकर।
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