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पंजाबः शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल ने बनाने शुरू किए आगामी चुनाव के राजनीतिक समीकरण
Thu, 28 Nov 2019 10:33 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 28 Nov 2019 10:33 AM IST
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Sukhbir Badal
- फोटो : File Photo
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने आगामी वर्ष एसजीपीसी की साधारण सभा के होने वाले चुनाव को देखते हुए समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए उन्होंने भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को तीसरी बार अध्यक्ष पद का ताज पहना दिया। वहीं 10 वर्ष के बाद पहली बार माझा, मालवा व दोआबा को एक जैसा प्रतिनिधित्व देकर एसजीपीसी में संतुलन बनाने के लिए प्रयास भी किया है। अध्यक्ष का पद मालवा के भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को सौंपा। कई वर्षों के बाद अमृतसर के एसजीपीसी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता को सीनियर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
दोआबा के नवांशहर के सदस्य गुरबख्श सिंह को जूनियर उपाध्यक्ष व होशियारपुर के हरजिंदर सिंह धामी को महासचिव पद सौंपकर सुखबीर बादल ने आगामी लोक सभा चुनाव के लिए अभी से राजनीतिक समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही सुखबीर बदल ने एसजीपीसी के पदाधिकारियों व कार्यकारिणी के सदस्यों में जाट सिख-शहरी सिखों, दलित सिखों के साथ-साथ एसजीपीसी के 25 अध्यक्ष रहे गुरचरण सिंह टोहरा के बेटी कुलदीप कौर टोहरा को कार्यकारिणी में स्थान देकर टकसाली सिखों विशेषकर टोहरा समर्थकों को अपने पक्ष में करने की राजनीति की शतरंज की बिसात में एकजुटता की चाल चल दी है।
कुछ दिनों से एसजीपीसी सदस्यों से वन-टू-वन बातचीत कर उनके विचार जानने के लिए किए मंथन में बीबी जागीर कौर को मिले भारी समर्थन के बावजूद सुखबीर बादल ने एसजीपीसी चुनाव के दौरान विरोधियों को कोई भी मुद्दा नहीं देना चाहते। बीबी जागीर कौर को बेटी की हत्या के मामले में बेशक पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है। बावजूद इसके सुखबीर बादल ने बीबी जागीर कौर को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने में अपने हाथ पीछे खींच लिए। लोकसभा चुनाव में बीबी जागीर कौर खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ी थीं।
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विरोधियों ने बीबी जागीर कौर पर उनकी बेटी की हत्या के आरोप को मुद्दा बनाया था। एसजीपीसी प्रधान पद के एक अन्य दावेदार जत्थेदार तोता सिंह एसजीपीसी की साधारण सभा की बैठक में गैर हाजिर रहे। जत्थेदार तोता सिंह ने दो दिन पहले चंडीगढ़ में सुखबीर बादल के साथ बंद कमरे में बैठक कर अपनी दावेदारी पेश की थी। सुखबीर बादल अकाली दल के किसी ऐसे नेता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने के पक्ष में नहीं थे जो उनके परिवार के लिए राजनीतिक चुनौती पैदा कर सके। भाई लौंगोवाल को एक संतुलित टीम देकर सुखबीर ने आगामी एसजीपीसी चुनाव में उतरने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
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दोआबा के नवांशहर के सदस्य गुरबख्श सिंह को जूनियर उपाध्यक्ष व होशियारपुर के हरजिंदर सिंह धामी को महासचिव पद सौंपकर सुखबीर बादल ने आगामी लोक सभा चुनाव के लिए अभी से राजनीतिक समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही सुखबीर बदल ने एसजीपीसी के पदाधिकारियों व कार्यकारिणी के सदस्यों में जाट सिख-शहरी सिखों, दलित सिखों के साथ-साथ एसजीपीसी के 25 अध्यक्ष रहे गुरचरण सिंह टोहरा के बेटी कुलदीप कौर टोहरा को कार्यकारिणी में स्थान देकर टकसाली सिखों विशेषकर टोहरा समर्थकों को अपने पक्ष में करने की राजनीति की शतरंज की बिसात में एकजुटता की चाल चल दी है।
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कुछ दिनों से एसजीपीसी सदस्यों से वन-टू-वन बातचीत कर उनके विचार जानने के लिए किए मंथन में बीबी जागीर कौर को मिले भारी समर्थन के बावजूद सुखबीर बादल ने एसजीपीसी चुनाव के दौरान विरोधियों को कोई भी मुद्दा नहीं देना चाहते। बीबी जागीर कौर को बेटी की हत्या के मामले में बेशक पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है। बावजूद इसके सुखबीर बादल ने बीबी जागीर कौर को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने में अपने हाथ पीछे खींच लिए। लोकसभा चुनाव में बीबी जागीर कौर खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ी थीं।
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विरोधियों ने बीबी जागीर कौर पर उनकी बेटी की हत्या के आरोप को मुद्दा बनाया था। एसजीपीसी प्रधान पद के एक अन्य दावेदार जत्थेदार तोता सिंह एसजीपीसी की साधारण सभा की बैठक में गैर हाजिर रहे। जत्थेदार तोता सिंह ने दो दिन पहले चंडीगढ़ में सुखबीर बादल के साथ बंद कमरे में बैठक कर अपनी दावेदारी पेश की थी। सुखबीर बादल अकाली दल के किसी ऐसे नेता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने के पक्ष में नहीं थे जो उनके परिवार के लिए राजनीतिक चुनौती पैदा कर सके। भाई लौंगोवाल को एक संतुलित टीम देकर सुखबीर ने आगामी एसजीपीसी चुनाव में उतरने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।