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कृषि कानूनों के खिलाफ शिअद का प्रदर्शन: बिना इजाजत संसद तक निकाला मार्च, सुखबीर व हरसिमरत समेत कई नेता गिरफ्तार

Fri, 17 Sep 2021 08:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 17 Sep 2021 08:13 PM IST
सार

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को पारित हुए एक साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल ने सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में संसद मार्च किया और 17 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाया।

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Shiromani Akali Dal Organised Parliament march without permission against farm laws
कृषि कानूनों के खिलाफ अकाली दल ने किया संसद मार्च। - फोटो : @officeofssbadal

विस्तार

कृषि कानूनों को निरस्त करने और फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद सुनिश्चित करने की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को दिल्ली में बिना इजाजत संसद तक मार्च निकाला। इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया। 

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जबरन संसद की तरफ कूच करने पर दिल्ली पुलिस ने शिअद प्रधान सुखबीर बादल और सांसद हरसिमरत कौर समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए लगातार लड़ाई लड़ेगी। 
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उन्होंने पंजाबियों को यह भी आश्वासन दिया कि शिअद-बसपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद पंजाब में इस अधिनियम को लागू नहीं किया जाएगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा, बलविंदर सिंह भूंदड़ और हरसिमरत कौर बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने से रोकने की निंदा की। 

उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं को तो 20 किलोमीटर तक चलना पड़ा। सुखबीर बादल ने कहा कि जहां तक अकाली दल का सवाल है यह एकमात्र विपक्षी दल था, जिसने संसद में तीनों कृषि विधेयकों का विरोध किया था। किसान नेताओं की अपील के बावजूद राजनीतिक दलों को संसद की कार्यवाही का बहिष्कार नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस पार्टी और आप दोनों ने तीनों विधेयकों का विरोध करने के बजाय संसद से वॉकआउट करने का रास्ता चुना था।


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हम एकमात्र ऐसी पार्टी हैं, जिसने किसानों और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। हमने खेती के काम, पक्के पानी के चैनलों का निर्माण और किसानों को मुफ्त नहरी पानी के लिए मुफ्त बिजली देना सुनिश्चित किया था। - सुखबीर बादल, अध्यक्ष, शिअद

 

अगर एनडीए सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो वह न केवल पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विधानसभा हारेगी, बल्कि 2024 में लोकसभा चुनाव भी हार जाएगी। - हरसिमरत कौर बादल, सांसद, शिअद

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