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कश्मीर देश का अटूट अंग, कश्मीरी छात्रों को शक की निगाह से देखना उचित नहीं: शाही इमाम

Sun, 21 Oct 2018 04:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Sun, 21 Oct 2018 04:52 PM IST
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Shahi Imam Statement on Kashmir and Kashmiri Students
लुधियाना के शाही इमाम - फोटो : file photo
बीते दिनों आतंकी गतिविधियों में लिप्त जालंधर से गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों को पकड़ने के बाद प्रदेश में सभी कश्मीरी छात्रों को शक की निगाह से देखना उचित नहीं। आतंकवाद को धर्म से जोड़ कर देखना निंदनीय है। यह बात रविवार को पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना से जारी बयान में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवीं ने कही।
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद के नाम पर बेकसूर छात्रों को परेशान किया जाना गलत है। कुछ नेता भी इस विषय में बयान दे रहे हैं कि कश्मीरी बच्चों की छानबीन होनी चाहिए तो क्या वो इस बात को भूल गए हैं कि बीते दिनों एक गैर मुस्लिम इसरो का अधिकारी जासूसी करता पकड़ा गया था। वह जिस धर्म से संबंध रखता है क्या उस धर्म के सभी लोग शक की निगाह से देखे जाएंगे।
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शाही इमाम ने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा के बयान के बाद भी कि सभी कश्मीरी छात्र शक्की नहीं है। बच्चों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर की तरह ही कश्मीर की जनता भी देश का अटूट अंग ह। उन्होंने कहा कि इस विषय पर एक प्रतिनिधि मंडल ज्ञापन लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा से मिलेगा। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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