जेल में बंद आतंकी की मदद को 50 हजार रुपये देगी SGPC
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आतंकी दविंदरपाल सिंह भुल्लर और गुरदीप सिंह खैहरा के अमृतसर लाए जाने का मामला अभी सुर्खियों में ही है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने यूपी की जेल में कैद आतंकी वरियाम सिंह के मामले की पैरवी के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है।
देश की विभिन्न जेलों में बंद सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई के लिए पंजाब सरकार, एसजीपीसी तथा सिख संगठन लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं।
इस कड़ी के तहत पिछले दिनों भुल्लर व खैहरा को अमृतसर लाया गया था। अब एसजीपीसी ने बरेली सेंट्रल जेल में 1990 से कैद आतंकी वरियाम सिंह के मामले की पैरवी के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है।
यूपी के सीएम से भी मिले थे मक्कड़
फतेहगढ़ साहिब में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। कमेटी वरियाम सिंह के मामले की पैरवी को जालंधर निवासी उसके बेटे जसविंदर सिंह को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देगी। यह राशि एसजीपीसी अपने बजट में से अदा करेगी।
वरियाम सिंह को टाडा के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले वरियाम सिंह को आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि उसकी सजा पूरी हो चुकी है फिर भी वह जेल में कैद है। पिछले दिनों वरियाम सिंह की रिहाई के लिए एसजीपीसी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने यूपी के सीएम अखिलेश सिंह यादव से भी मुलाकात की थी, लेकिन रिहाई का मामला सिरे नहीं चढ़ा।