Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने पंजाब के बाद केंद्र की सुरक्षा ठुकराई, अब SGPC ने किया सुरक्षा देने का एलान
एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि वीआईपी मेहमानों को कुछ ऐतिहासिक स्थानों पर छोड़कर किसी को भी सिरोपा नहीं दिया जाएगा। उनका मान सत्कार श्री दरबार साहिब के मैनेजर के कमरे या एसजीपीसी सूचना केंद्र में किया जाएगा।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एसजीपीसी की कार्यकारिणी की बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह को सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है। पंजाब सरकार के सुरक्षा वापस लेने के बाद केंद्र सरकार ने जेड श्रेणी की सुरक्षा का एलान किया था, जिसका उन्होंने एलान किया और कहा कि एसजीपीसी इसके समर्थ है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लेने और फिर लौटाने को बड़ा मजाक बताया।
धामी ने यह बात शनिवार को एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही। एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि शनिवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में सबसे पहले सीनियर नेता व एसजीपीसी के सीनियर उप प्रधान जत्थेदार तोता सिंह को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही पाकिस्तान में सरेआम गोलियों का शिकार हुए दो सिख व्यापारी भाइयों रंजीत सिंह और कुलजीत सिंह को श्रद्धासुमन भेंट करते हुए पाक सरकार से अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की।
उन्होंने पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि आज प्रदेश के लोग दहशत में हैं। वीआईपी की सुरक्षा वापस लेने और फिर लौटाने को मजाक बताया और कहा कि एसजीपीसी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह को सुरक्षा देने में समर्थ है।
एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि वीआईपी मेहमानों को कुछ ऐतिहासिक स्थानों पर छोड़कर किसी को भी सिरोपा नहीं दिया जाएगा। उनका मान सत्कार श्री दरबार साहिब के मैनेजर के कमरे या एसजीपीसी सूचना केंद्र में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक जून से 6 जून तक हर सिख मानसिक पीड़ा में आ जाता है, क्योंकि साल 1984 में हुए घल्लूघारे के दौरान बहुत सिख शहीदी पा गए।
बहुत बच्चे, बीबीयां और बुजुर्गों को मौत के घाट उतारा गया। सिखों की यह रिवायत रही है कि सचखंड श्री दरबार साहिब में चाहे मुसलमानों या अंग्रेजों ने हमला किया तो सिखों ने उसका डटकर मुकाबला किया। धामी ने कहा कि एसजीपीसी की ओर से पिछले साल अमृतधारी बच्चों को स्कालरशिप के रूप में 63 लाख रुपये दिए गए।
उन्होंने कहा कि अब धार्मिक परीक्षाओं में अव्वल और सेकेंड आने पर 6 से 10 तक के अमृतधारी विद्यार्थियों को 3500, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को 5 हजार, बीए वालों को 8 हजार रुपये तथा पोस्ट ग्रेजुएशन अमृतधारी विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये स्कालरशिप दी जाएगी। एसजीपीसी पंजाब से बाहर पढ़ने वाले अमृतधारी विद्यार्थियों की पूरी फीस देती है।
आंध्र प्रदेश में ऐसे 85 और छत्तीसगढ़ में 70 सिख विद्यार्थियों की फीस देती है। सिंह बंदियों के मुद्दे पर हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारे को पेरोल पर रिहा कर दिया गया है तो 32-33 वर्षों से नजरबंद सिंहों को रिहा किया जाना चाहिए। इसके लिए 11 सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसने 20 मई को पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखे। इन पत्रों को प्राप्त कर लिए जाने की रसीद तो मिल गई लेकिन अभी तक कमेटी को उन्हें मिलने की तिथि नहीं मिली। एसजीपीसी प्रधान ने 6 जून को सभी संगत से एकजुट होकर इस दिवस को मनाने का आह्वान भी किया।