SGPC Budget: एसजीपीसी ने पास किया 1138 करोड़ का बजट, पिछले साल की तुलना में 17 फीसदी की बढ़ोतरी
धामी ने हरियाणा के गुरुद्वारों के बजट में कटौती पर कहा कि हालांकि, इन गुरुद्वारों का प्रबंधन सरकारों की नापाक मंशा के चलते हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने हाथ में ले लिया है लेकिन फिर भी शिरोमणि कमेटी ने इसके लिए बजट रखा है। ये सभी गुरुद्वारा साहिब अभी भी सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 की भावना के तहत अधिसूचित हैं। सरकार को इसका प्रबंधन एसजीपीसी को वापस करना चाहिए।
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सिखों की सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने मंगलवार को 1138.14 करोड़ का वार्षिक बजट पेश किया है। पंजाब और हरियाणा के बीच गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर चल रही खींचतान का असर इस बजट में भी दिखाई दिया। एसजीपीसी ने हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए 57.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 106.5 करोड़ कम है।
एसजीपीसी के महासचिव भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने बजट पेश करते हुए बताया कि गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए 855.39 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं, गुरमति प्रचार व शिक्षा आदि के लिए करीब 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट बैठक के दौरान श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी व अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि एसजीपीसी के बजट में पिछले साल की तुलना में 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष का बजट करीब 988 करोड़ रुपये था। पारित बजट में एसजीपीसी धर्म प्रचार कमेटी, धारा-85 के तहत आने वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब, शैक्षणिक संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस आदि सभी शामिल हैं। पूरे बजट का आधार गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की ओर से भेंट किया जाने वाला चढ़ावा है।
धामी ने हरियाणा के गुरुद्वारों के बजट में कटौती पर कहा कि हालांकि, इन गुरुद्वारों का प्रबंधन सरकारों की नापाक मंशा के चलते हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने हाथ में ले लिया है लेकिन फिर भी शिरोमणि कमेटी ने इसके लिए बजट रखा है। ये सभी गुरुद्वारा साहिब अभी भी सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 की भावना के तहत अधिसूचित हैं। सरकार को इसका प्रबंधन एसजीपीसी को वापस करना चाहिए।
गिरफ्तार सिखों की रिहाई के लिए विशेष बजट
गिरफ्तार सिखों की रिहाई और मुकदमों की पैरवी के साथ-साथ हिरासत में लिए गए सिखों के परिवारों के सहयोग के लिए भी विशेष राशि रखी गई है। गरीब छात्रों, अमृतधारी बच्चों, सिकलीगर और वनजारा सिखों के लिए वजीफा शुरू किया जाएगा। एसजीपीसी की भविष्य की योजनाओं में सिख मुद्दों धर्म, लोक कल्याणकारी कार्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
प्रशासनिक सेवाओं के लिए निशुल्क कोचिंग
बजट में विशेष रूप से सिख युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में लाने के लिए खोली गई अकादमी का उल्लेख किया गया। एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने बताया कि इस अकादमी में प्रतिवर्ष 25 बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए प्रथम वर्ष के बजट में एक करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।
गुरुद्वारा साहिब सेक्शन-85 हरियाणा राज्य
वर्तमान में हरियाणा राज्य में आठ गुरुद्वारा साहिब हैं। इनमें से गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी और नौवीं चिका (कैथल) का मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय में था। इसलिए व्यवस्था पहले से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास नहीं थी। अब हरियाणा सरकार द्वारा गुरुद्वारा अधिनियम का उल्लंघन कर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया है। सरकार के इशारे पर इस कमेटी ने हरियाणा राज्य के सभी सेक्शन-85 के आठ गुरुद्वारा साहिबों का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया है। हरियाणा राज्य के गुरुद्वारा साहिबों का अपना कुल बजट 750.11 करोड़ है।
किस मद में कितना प्रावधान
- गुरुद्वारा पातशाही दसविनी श्री नाडा साहिब पंचकूला के लिए 19 करोड़ रुपये
- गुरुद्वारा पतसाही आठवीं श्री पंजोखरा साहिब, अंबाला के लिए 13 करोड़ रुपये
- गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब धमतन साहिब के लिए 8.70 करोड़ रुपये
- गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जींद के लिए 6.90 करोड़ रुपये
- गुरुद्वारा पातशाही छठी थानेसर कुरुक्षेत्र-गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब अंबाला के लिए 4.8 करोड़ रुपये
- गुरुद्वारा पातशाही प्रथम व 10वीं कपाल मोचन के लिए 3.25 करोड़
धारा-85 के तहत गुरुद्वारों के लिए 17.43 करोड़
हरियाणा राज्य के धारा-85 के गुरुद्वारों साहिबों से वर्ष 2023-2024 के लिए 17.43 करोड़ 138 रुपये निर्धारित किए गए हैं। अगर इन गुरुद्वारों से अपेक्षित धनराशि एकत्र की जाती है तो इसका उपयोग मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस शाहाबाद, मारकंडा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्वविद्यालय श्री फतेहगढ़ साहिब, शिक्षण संस्थानों के भवनों की पेंटिंग, हरियाणा राज्य के शैक्षणिक संस्थानों के लिए सहायता के लिए किया जा सकता है। गोल्डन ऑफसेट का उपयोग प्रेस के समर्थन में और गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद आदि के लिए किया जाएगा।