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दरबार साहिब गैलरी में लगेंगे फौजी हमले में शहीदों के फोटो

Fri, 16 Jun 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 16 Jun 2017 09:14 AM IST
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SGPC Internal committee meeting in chandigarh
एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में कई प्रस्ताव पारित
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने विधानसभा में पूर्व डीजीपी केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने के खिलाफ शिअद के रवैये की सराहना की है। वीरवार को चंडीगढ़ में हुई एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी प्रस्ताव पारित किए गए। 
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कमेटी ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बसे सिकलीगर सिख समुदाय के खिलाफ दर्ज केस लड़ने के साथ-साथ इस समुदाय के लड़के-लड़कियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। कमेटी ने श्री दरबार साहिब की गैलरी में फौजी हमले में मारे गए लोगों के फोटो लगाने का भी फैसला किया है।
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एसजीपीसी के प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रो. बंडूगर ने कहा कि केपीएस गिल के कार्यकाल में बेगुनाह सिख नौजवानों का कत्लेआम हुआ। ऐसे व्यक्ति को विधानसभा में श्रद्धांजलि देने के खिलाफ शिअद का रवैया बिल्कुल सही है और एसजीपीसी इस मुद्दे पर शिअद के साथ है। यह पूछे जाने पर कि शिअद ने सुमेध सैनी और इजहार आलम को ऊंचे ओहदे दिए जबकि उन पर भी यही आरोप लगता रहा है। प्रो. बंडूगर इस सवाल को टाल गए। उन्होंने कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बसे सिकलीगर सिख जोकि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के लिए हथियार बनाया करते थे, यह समुदाय उन प्रदेशों में भारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के खिलाफ उन प्रदेशों में 42 केस दर्ज हैं और 40 सिकलीगर सिखों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पीलीभीत जेलकांड के मृतकों के लिए 1-1 लाख रुपये देने का फैसला

SGPC Internal committee meeting in chandigarh
एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर - फोटो : File Photo
प्रो. बंडूगर ने बताया कि एसजीपीसी ने गिरफ्तार सिकलीगर सिखों के केस लड़ने का फैसला किया है। इसके अलावा उनके 100 लड़कों को पंजाब लाकर रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे अपना जीवन स्तर सुधार सकें। इसी तरह सिकलीगर सिखों की लड़कियों के लिए एसजीपीसी उन राज्यों में 10 सिलाई केंद्र खोलेगी।

बैठक में एसजीपीसी ने दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह की उस मांग को भी मंजूरी दे दी, जिसमें उन्होंने जून, 1984 में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पर हुए फौजी हमले के शहीदों की तस्वीरें दरबार साहिब की यादगार गैलरी में लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी कानून के तहत चुनी गई सिखों की सर्वोच्च संस्था है, जिसके पास गुरुद्वारों की संभाल व उनकी संपत्तियों की संभाल का जिम्मा है।

कमेटी ने गुरु शब्द रत्नाकर महान कोष के हिंदी और अंग्रेजी में दोबारा कराने का फैसला भी लिया है। इसके अलावा 1994 में पीलीभीत जेलकांड में मारे गए सिखों के परिजनों को 1-1 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का फैसला लिया गया है। साथ ही, हरियाणा में हौंद चिल्हड़ गांव में सिख कत्लेआम के मामले को सार्वजनिक करने वाले मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बच्चों की वर्ष 2017-18 की फीस एसजीपीसी द्वारा अदा किए जाने का फैसला लिया गया है।
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