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Chandigarh: पीयू में धरने पर पहुंचे एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर धामी, सीनेट भंग करने के विरोध में हो रहा प्रदर्शन
Fri, 07 Nov 2025 01:44 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:44 PM IST
सार
पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट भंग करने को लेकर वीसी कार्यालय के बाहर शुक्रवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। शुक्रवार को धरने में एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी भी पहुंचे।
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पीयू में धरने में पहुंचे एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर धामी
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट भंग करने को लेकर वीसी कार्यालय के बाहर शुक्रवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। शुक्रवार को धरने में एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी भी पहुंचे। गायक मनकीरत औलख भी छात्रों को समर्थन देने आएंगे। वहीं ज्ञानी हरप्रीत सिंह (अकाली दल पीएस) भी आएंगे।
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यूनिवर्सिटी को कारपोरेट घरानों के हवाले करने की साजिश : उगराहां
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की सीनेट चुनाव व्यवस्था को समाप्त करने और फिर आदेश को अस्थायी रूप से स्थगित करने के केंद्र सरकार के फैसले पर भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और पंजाब विरोधी बताते हुए कहा कि यह कदम देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं को कारपोरेट घरानों के हवाले करने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में बेहद कम फीस देकर नौजवान पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे संस्थान आम लोगों के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर देते हैं, इसलिए इनका बचना बेहद जरूरी है।
उगराहां ने कहा कि यूनियन इस मुद्दे पर जल्द बैठक करेगी और विचार-विमर्श के बाद यह तय करेगी कि वह आंदोलन में सीधे तौर पर शामिल होगी या नहीं। उन्होंने पंजाब सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा, दोनों सरकारें अंदर से एक जैसी हैं। पंजाब के हितों की रक्षा का दावा करने वाले नेताओं की खामोशी बहुत कुछ कह रही है। जनता को इनसे सावधान रहना चाहिए।