Punjab News: इस मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरेगी SGPC, एक फरवरी को बुलाया विशेष इजलास
सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब में पुलिस फायरिंग मामले में एसजीपीसी ने पंजाब सरकार को निशाने पर लिया है। कमेटी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। अब एक फरवरी को विशेष इजलास बुलाया गया है। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि सीएम मान को इस घटना की जिम्मेदारी से कभी बरी नहीं किया जा सकता।
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सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब में पुलिस फायरिंग और नियमों के उल्लंघन की घटना की गंभीरता को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक फरवरी को एक विशेष इजलास बुला लिया है। इस संबंध में बुधवार को एसजीपीसी कार्यालय में एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में कार्यकारिणी कमेटी के पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें इजलास बुलाने का निर्णय लिया गया।
एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सीएम मान के पास पंजाब का गृह मंत्रालय भी है। गृह मंत्री रहते मान ने सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा साहिब में गोलीबारी करवाकर सिख भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचाई है। इसके लिए मान सीधे तौर पर जिम्मेदार व जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सरकार व प्रशासन की चुप्पी सवाल पैदा करती है जबकि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर हुई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पुलिस ने बेवजह गुरुद्वारा साहिब को निशाना बनाया है।
धामी ने कहा कि सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा गुरुघरों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। पंजाब के सीएम भगवंत मान को सुल्तानपुर लोधी की घटना की जिम्मेदारी से कभी बरी नहीं किया जा सकता। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि शिरोमणि कमेटी इस गंभीर मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सीएम मान और पुलिस की घृणित कार्रवाई को हर स्तर पर संगत के बीच प्रचारित करेगी।
उन्होंने कहा कि आज कार्यकारिणी कमेटी के पदाधिकारियों से इस संबंध में चर्चा हुई है। इसके अनुसार एक फरवरी को दोपहर 12 बजे श्री अमृतसर में आम इजलास बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष बैठक के दौरान सदस्यों की राय ली जाएगी जबकि उससे पहले सभी सदस्यों को जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों का विवरण भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट और पुलिस पर लगे आरोपों को साबित करने वाले सभी साक्ष्यों को प्रचार जत्थों के माध्यम से गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
धामी ने प्रो. देविंदरपाल सिंह भुल्लर के मामले में आप द्वारा अपनाई जा रही सिख विरोधी नीति की भी कड़ी आलोचना की। कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने पहले प्रो. भुल्लर की रिहाई को लेकर फाइल कई बार आगे बढ़ाई गई लेकिन अब रिव्यू बोर्ड की ताजा बैठक के दौरान इसे खारिज कर यह साबित कर दिया गया है कि उनका एजेंडा कभी भी सिख मुद्दों के प्रति सकारात्मक नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि अब केजरीवाल का चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। उन्होंने पंजाब सरकार की सिख विरोधी मंशा के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार ने ढाई साल बाद भी डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बेअदबी के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर सवाल उठाए।
धामी ने कहा कि न्याय एकतरफा नहीं होना चाहिए, बल्कि बंदी सिंहों के लिए सरकार को समान नीति रखनी चाहिए। धामी ने शिरोमणि कमेटी के सभी सदस्यों, पंथक संगठनों और संगतों से शिरोमणि कमेटी के लिए अधिक से अधिक वोट बनाने की अपील भी की ताकि पंथक संगठनों में घुसपैठ की रणनीति को रोका जा सके।