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छात्राएं बोली- यौन शोषण होता है, जान दे देंगी हम...विभाग ने उठाया बड़ा कदम

Thu, 12 Apr 2018 10:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब) Updated Thu, 12 Apr 2018 10:27 AM IST
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sexual harassment, punjab education department transferred all male lecturers
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छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाकर सुसाइड करने की धमकी तो शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठा लिया। मामला पंजाब के फरीदाकोट का है। शिक्षा विभाग पंजाब के सचिव ने मुक्तसर की जिला शिक्षा व सिखलाई संस्था (डाइट) में पढ़ने वाली छात्राओं के यौन शौषण के मामले में जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर संस्था के छह पुरुष अध्यापकों का तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया है।
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लेक्चरर स्तर के इन अध्यापकों में से दो को मुक्तसर, तीन को फरीदकोट व एक को फिरोजपुर जिले से सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भेजा गया है। गौरतलब है कि कुछ माह पहले छात्राओं ने यौन शोषण के मामले में सुसाइड की धमकी दी थी। जानकारी के अनुसार मुक्तसर डाइट की कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, डायरेक्टर एससीईआरटी, डीजीएसई व मंडल शिक्षा अधिकारी फरीदकोट को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी संस्था के पुरुष अध्यापक मूल्यांकन व हाजिरी कम करने की धमकी देकर अपनी इच्छाएं पूरी करने की मांग करते हैं।
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इस शिकायत पर पिछले साल एक सरकारी कन्या स्कूल की प्रिंसिपल की तरफ से जांच की गई। जांच अधिकारी ने पाया कि कोर्स के दूसरे वर्ष की छात्राओं को काफी आतंकित किया गया और इसी वजह से वह किसी भी पुरुष अध्यापक का नाम लेने को तैयार नहीं है। छात्राओं ने जांच अधिकारी को बताया कि बहाने से अध्यापक उन्हें अपने कमरे में अकेले बुलाते हैं और यौन उत्पीड़न का प्रयास करते हैं। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में डाइट के प्रबंधक समेत सभी पुरुष अध्यापकों को ट्रांसफर करने और वहां पर किसी महिला प्रिंसिपल की स्थायी तैनाती की सिफारिश की थी।
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इस रिपोर्ट को सीईओ फरीदकोट ने सितंबर 2017 में राज्य के डायरेक्टर शिक्षा विभाग सेकेंडरी को भेज दिया था। लेकिन जांच रिपोर्ट के बावजूद अध्यापकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस पर कुछ माह पहले पीड़ित छात्राओं ने आत्महत्या की धमकी दी थी। इसकी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर 20 फरवरी 2018 को पंजाब मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया और शिक्षा सचिव से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए थे। अब शिक्षा सचिव ने इन अध्यापकों के ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए हैं।

 
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