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सेक्सटार्शन : अंजान नंबर से वीडियो कॉल उठाई तो लुट जाओगे, चार माह में 429 शिकार

Mon, 15 May 2023 02:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 15 May 2023 02:21 AM IST
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Sextortion: If you pick up a video call from an unknown number, you will be robbed, 429 victims in four months
चंडीगढ़। सावधान! किसी अंजान नंबर से वीडियो कॉल उठाई तो आप सेक्सटॉर्शन का शिकार हो सकते हैं। शहर में सेक्सटॉर्शन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी कॉल में महिला कॉलर नग्न क्लिप पीड़ित के साथ बना लेती है और इसके स्क्रीनशॉट ले लेती है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग के बाद इसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने के नाम पर ब्लैकमेल करते हुए पैसे वसूले जा रहे हैं। अप्रैल माह तक 2194 साइबर अपराध की शिकायतें थाने में पहुंच चुकी हैं। पहुंच चुकीं थानेइस वर्ष अप्रैल तक ऐसी 429 शिकायतें साइबर क्राइम पुलिस थाने तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, आसानी से लोन देने के नाम पर भी लोगों से एप डाउनलोड करवा मोबाइल गैलरी से फोटो और कांटेक्ट नंबर चुरा कर मोर्फड फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर लोगों से वसूली की जा रही है। इस प्रकार की शिकायतें भी पुलिस तक पहुंच रही हैं। तकनीक बढ़ने के साथ ही साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। चंडीगढ़ में इस वर्ष बीते चार महीने में करीब 2,200 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। वहीं पिछले साल 7,313 शिकायतें सामने आई थी। साइबर अपराधी नई तकनीक और तरीकों का उपयोग लोगों को ठगने में कर रहे हैं।
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शहर में सेक्सटार्शन, सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि के जरिए ऑनलाइन चैटिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और ओएलएक्स धोखाधड़ी समेत कस्टमर केयर कर्मी पर ठगी, कनाडा कॉलिंग और बिजली के बिल भरने के फर्जी लिंक से ज्यादातर ठगी की जा रही है। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर भी ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इस वर्ष तक 271 ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सोशल मीडिया पर खरीद-फरोख्त के नाम पर इस प्रकार की ठगी की जा रही है। इसके अलावा डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर भी लोगों के बैंक खातों से पैसे निकाले जा रहे हैं। ऐसा अक्सर तब होता है जब पीड़ित कोई फर्जी लिंक पर बिना उसकी विश्वसनीयता जाने क्लिक करता है और फर्जी कॉलर को ओटीपी शेयर करता है।
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शहर में बीते चार महीनों में ओएलएक्स फर्जीवाड़ा के 80 मामले सामने आ चुके हैं। ठग किसी फर्नीचर और गाड़ी आदि बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डालते हैं, जिसमें फोन नंबर भी दिया होता है। जब पीड़ित उस नंबर पर कॉल करता है तो ठग खुद को आर्मी अफसर आदि बताते हैं और कोई कहानी बनाते हैं कि उनका तबादला हो गया है और वह सामान बेचना चाहते हैं। इसके बाद पीड़ित जब ऑनलाइन पेमेंट करने का प्रयास करता है तो उसे ठग लिया जाता है। इसके अलावा फर्जी कस्टमर केयर नंबर गूगल पर अपलोड कर भी लोगों को ठगा जा रहा है। ऐसे मामलों में लोग जब किसी सेवा के लिए उसके कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करते हैं तो सामने से ठग फोन उठाकर पीड़ित को ओटीपी या स्क्रीनशॉट भेजने को कहते हैं। इस वर्ष 75 ऐसे मामले सामने आए हैं।
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रिश्तेदार विदेश में फंसा है, बचाने के नाम पर ठगी

कनाडा कॉलिंग के मामलों में भी तेजी आ रही है। इसमें आरोपी खुद को पीड़ित का विदेश में बैठा रिश्तेदार या जानकार बताते हैं। कई बार कहते हैं कि पीड़ित का कोई रिश्तेदार मुसीबत में फंसा हुआ है या किसी का ऑपरेशन करवाना है। ऐसे में बैंक खातों में पैसे मंगवा लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित की सोशल मीडिया से जानकारी जुटा कर शिकार बनाया जा रहा है।

अभी तक 176 ठग पकड़े
पिछले वर्ष जून में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बनने के बाद से अभी तक 176 ठगों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से 44 फर्जी लोन एप से जुड़े हुए थे, जिसमें केबीसी लॉटरी के नाम पर ठगी के भी मामले थे। पकड़े गए कुल आरोपियों में से ज्यादातर झारखंड के जामतारा, पश्चिम चंपारण बिहार, कोलकाता, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इस वर्ष बैंकों के साथ सहयोग कर 67.27 लाख रुपये ठगों के खातों तक पहुंचने से रोक चुका है। वहीं 25 लाख रुपये, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, ट्रक, कार आदि चार महीने में बरामद हो चुके हैं।


27 अप्रैल तक सामने आए मामले

429 - सेक्सटॉर्शन और शोषण
271 - ऑनलाइन धोखाधड़ी

201 - डेबिट-क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी
80 - ओएलएक्स पर ठगी

75 - कस्टमर केयर कर्मी बनकर ठगी
71 - कनाडा कॉलिंग

21- बिजली का बिल भरने के नाम पर ठगी
कोट...

लोगों को ऐसी फर्जी कॉल, मैसेज आदि पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए और लुभावने ऑफर से बचना चाहिए। साइबर अपराध से जुड़ी किसी भी प्रकार की सहायता सहायता के लिए 1930 कॉल की जा सकती है।

-केतन बंसल, एसपी, साइबर अपराध
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