पंजाब में मतदान की तारीख बदली: अब सभी दल श्रेय लेने की होड़ में, चुनाव आयोग के फैसला का किया स्वागत
पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव की तारीख बढ़ाने का स्वागत किया है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मैंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर गुरु रविदास जी की जयंती के मद्देनजर मतदान स्थगित करने का अनुरोध किया था। मैं चुनाव आयोग का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने अनुरोध स्वीकार कर लिया।
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संत श्री रविदास जी की जयंती को लेकर पंजाब में मतदान की तारीख में हुए बदलाव के बाद अब सियासी दल श्रेय लेने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मेरे अनुरोध पर मतदान की तारीख में आयोग ने बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब में रविदास धर्म को मानने वाले लगभग 20 लाख लोग हैं। ऐसे में यह फैसला मतदान के प्रतिशत में भी बढ़ोतरी करेगा।
चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रविदास समाज की पीड़ा और चुनाव को देखते हुए बतौर मुख्यमंत्री चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान की तिथि में बदलाव का अनुरोध किया था। आयोग ने पत्र का संज्ञान लेकर तारीख में बदलाव कर स्वागत योग्य कार्य किया है।
भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मतदान की तारीख 20 फरवरी करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध करते हुए एक पत्र लिखा था कि पंजाब में श्री गुरु रविदास जी के अनुयायियों की बड़ी संख्या है। पंजाब से लाखों लोग अपने महान गुरु जी के समक्ष नतमस्तक होने 14 फरवरी को वाराणसी जाते हैं, इसलिए मतदान का दिन बदल दिया जाए।
आप ने किया फैसले का स्वागत
आप पंजाब प्रधान और सांसद भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोगों की भावनाओं का मान रखते हुए श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को लेकर मनाए जाने वाले उत्सव के मद्देनजर मतदान की तारीख को 14 फरवरी से बढ़ाकर 20 फरवरी किया है, जो संगत की आस्था का मान और मत के अधिकार का प्रयोग के लिए बेहद जरूरी था। मान ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र से विनती की थी कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख को कम से कम एक सप्ताह आगे बढ़ाया जाए।
विरोध में था समुदाय
समुदाय भी इसके विरोध में उतर आया था। पंजाब में कुछ स्थानों पर समुदाय से जुड़े लोगों ने सड़कों पर उतरकर मतदान की तारीख में बदलाव की मांग की थी। पंजाब में दोआबा क्षेत्र में श्री गुरु रविदास जी के सबसे ज्यादा श्रद्धालु हैं। समुदाय से जुड़े लोग मांग कर रहे थे कि चुनाव में वह भी मतदान करना चाहते हैं। पंजाब में रविदासिया धर्म के लोग किसी भी राजनीतिक दल के लिए खासा प्रभाव रखते हैं। सूबे में इस धर्म से लगभग 15 से 20 लाख लोग जुड़े हुए हैं।
संत श्री गुरु रविदास जी की जयंती के कारण मतदान की तिथियों में बदलाव का फैसला स्वागत योग्य है। पंजाब में रहने वाले रविदासिया समाज के लिए बनारस में गुरु का जन्म स्थान काशी से कम नहीं है। पीएलसी ने आयोग से अनुरोध किया गया था कि मतदान की तारीखों में बदलाव किया जाए। कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रमुख, पीएलसी।
चुनाव आयोग की तिथि में परिवर्तन का फैसला स्वागत योग्य है। शिरोमणि अकाली दल हमेशा से ही आयोग से यह मांग करती आ रही है। आयोग ने इस पर अमल किया उसका शिअद स्वागत करता है। -डॉ. दलजीत चीमा, शिअद प्रवक्ता।