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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त कर्मचारियों की छुट्टी, विधि अधिकारियों को राहत
Tue, 09 Nov 2021 07:20 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 09 Nov 2021 07:20 PM IST
सार
सेवानिवृत्ति के बाद अस्थायी तौर पर दोबारा नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों की सेवाओं को चन्नी सरकार ने तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। केवल विधि अधिकारियों को फैसले से छूट दी गई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो साल का सेवा विस्तार दिया था। यह व्यवस्था अभी तक बहाल थी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पंजाब सरकार ने उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद फिर से नियुक्त किया गया था। यह नियुक्तियां कॉन्ट्रैक्ट या किसी अन्य अस्थाई आधार पर की गई थीं।
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राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने सभी वित्त आयुक्त, प्रमुख सचिव और प्रबंधकीय सचिवों को आदेश जारी किया है कि रिटायरमेंट के बाद सरकार या संबंधित विभाग की ओर से अपने स्तर पर दोबारा नियुक्त कर्मचारियों व अधिकारियों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। यह फैसला रिटायरमेंट के बाद नियुक्त विधि अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
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अब तक बहाल थी कैप्टन सरकार की व्यवस्था
2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के गठन के बाद से राज्य सरकार के शीर्ष पदों पर रिटायर्ड अफसरों की नियुक्तियों के साथ ही विभागों में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के कार्यकाल को दो साल बढ़ा दिया गया था। इसी व्यवस्था को अब तक बहाल रखा गया।
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कैप्टन सरकार का तर्क था कि सरकारी खजाना खाली होने के कारण रिटायर हो रहे मुलाजिमों और अफसरों को एकमुश्त वित्तीय लाभ देने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने रिटायर्ड हुए मुलाजिमों और अफसरों को कांट्रैक्ट या अन्य अस्थायी व्यवस्था के तहत दोबारा नौकरी पर बनाए रखा। इस अवधि के दौरान सरकार इन मुलाजिमों और अफसरों को केवल वेतन देती रही, जबकि नियमित कर्मियों वाले अन्य लाभ नहीं दिए जाते थे।