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उम्रकैद के सजायाफ्ता शख्स की होगी शादी, हाईकोर्ट ने दिए 48 घंटे
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 31 Jul 2017 09:29 AM IST
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जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे शख्स की शादी करने की इच्छा पूरी होगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शादी के लिए उसे महज 48 घंटे का वक्त दिया है। सजायाफ्ता युवक को हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा हुई थी। अब उसे शादी के लिए अदालत के आदेश पर जेल से बाहर आने की छूट मिली है।
आदेश के मुताबिक फेरे भी पुलिस की तैनाती के बीच होंगे। शादी के 48 घंटे बाद दूल्हे को फिर जेल जाना होगा। मामले में कैदी की मंगेतर शादी करने की अपील लेकर अदालत पहुंची थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पुलिस की तैनाती के बीच विवाह रचाने की अनुमति दे दी।
हालांकि इससे पहले खुद कैदी ने ही हाईकोर्ट में याचिका के जरिये हरियाणा गुड कंडक्ट ऑफ प्रिजनर एक्ट के तहत शादी के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की थी, मगर मामले में दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा सरकार ने अपनी दलील में इसका विरोध किया था।
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हरियाणा की झज्जर जिला जेल में बंद कैदी की याचिका पर विरोध जाहिर करते हुए सरकार ने कहा था कि याची ने अभी न्यूनतम पांच साल की सजा पूरी नहीं की है। ऐसे में उसे रिहाई नहीं दी जा सकती। जेल मे रहते हुए भी सर्च ऑपरेशन के दौरान याची के पास से मोबाइल बरामद हुआ था, ऐसी स्थिति में सरकार याची की मांग का समर्थन नहीं कर सकती।
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आदेश के मुताबिक फेरे भी पुलिस की तैनाती के बीच होंगे। शादी के 48 घंटे बाद दूल्हे को फिर जेल जाना होगा। मामले में कैदी की मंगेतर शादी करने की अपील लेकर अदालत पहुंची थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पुलिस की तैनाती के बीच विवाह रचाने की अनुमति दे दी।
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हालांकि इससे पहले खुद कैदी ने ही हाईकोर्ट में याचिका के जरिये हरियाणा गुड कंडक्ट ऑफ प्रिजनर एक्ट के तहत शादी के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की थी, मगर मामले में दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा सरकार ने अपनी दलील में इसका विरोध किया था।
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हरियाणा की झज्जर जिला जेल में बंद कैदी की याचिका पर विरोध जाहिर करते हुए सरकार ने कहा था कि याची ने अभी न्यूनतम पांच साल की सजा पूरी नहीं की है। ऐसे में उसे रिहाई नहीं दी जा सकती। जेल मे रहते हुए भी सर्च ऑपरेशन के दौरान याची के पास से मोबाइल बरामद हुआ था, ऐसी स्थिति में सरकार याची की मांग का समर्थन नहीं कर सकती।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
सुनवाई के दौरान परिवार के साथ कोर्ट पहुंची मंगेतर
उधर, केस की सुनवाई के दौरान जिस लड़की से विवाह तय हुआ वह अपने परिवार समेत कोर्ट में हाजिर हो गई। उसने हाईकोर्ट को बताया कि उसे पता है कि लड़के को उम्रकैद की सजा मिली है। वह फिर भी शादी को तैयार है। लड़की के घरवालों ने भी कोर्ट को बताया कि बेटी की शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
सरकार ने कोर्ट को दी शादी की तारीख तय होने की जानकारी
हाईकोर्ट ने कैदी की मंगेतर की दलील सुनकर सरकार से शादी संबंधित जानकारी को पुख्ता करने के आदेश दिए। इस पर सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दावा सही है और याची की शादी बताई गई तारीख को तय है। मंगेतर की ओर से शादी की इच्छा जताने और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस एमएमएस बेदी ने कहा कि यह न्यायसंगत होगा कि याची को विवाह के लिए 48 घंटे का समय दिया जाय। अपराध की प्रकृति को देखते हुए हथियारों ने लैस पुलिसकर्मियों की निगरानी में ही याची को विवाह समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे में याची को विवाह के लिए जेल से पुलिस की सुरक्षा में ले जाया जाए और 48 घंटे बाद उसे वापस जेल लाया जाए।
उधर, केस की सुनवाई के दौरान जिस लड़की से विवाह तय हुआ वह अपने परिवार समेत कोर्ट में हाजिर हो गई। उसने हाईकोर्ट को बताया कि उसे पता है कि लड़के को उम्रकैद की सजा मिली है। वह फिर भी शादी को तैयार है। लड़की के घरवालों ने भी कोर्ट को बताया कि बेटी की शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
सरकार ने कोर्ट को दी शादी की तारीख तय होने की जानकारी
हाईकोर्ट ने कैदी की मंगेतर की दलील सुनकर सरकार से शादी संबंधित जानकारी को पुख्ता करने के आदेश दिए। इस पर सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दावा सही है और याची की शादी बताई गई तारीख को तय है। मंगेतर की ओर से शादी की इच्छा जताने और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस एमएमएस बेदी ने कहा कि यह न्यायसंगत होगा कि याची को विवाह के लिए 48 घंटे का समय दिया जाय। अपराध की प्रकृति को देखते हुए हथियारों ने लैस पुलिसकर्मियों की निगरानी में ही याची को विवाह समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे में याची को विवाह के लिए जेल से पुलिस की सुरक्षा में ले जाया जाए और 48 घंटे बाद उसे वापस जेल लाया जाए।