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सतलोक आश्रम: रामपाल को सुनाई गई उम्रकैद की सजा, 4 महिलाओं और एक बच्चे की हुई थी मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:57 PM IST
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रामपाल
- फोटो : फाइल फोटो
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बरवाला के सतलोक आश्रम में साल 2014 में एक बच्चे और चार महिलाओं की मौत के मामले में रामपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह आखिरी सांस तक जेल में रहेगा। बाबा के बेटे विजेंद्र समेत 15 अन्य को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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रामपाल को यह सजा केस नंबर 429 में सुनाई गई है। बरवाला के आश्रम में 16 नवंबर 2014 को हुई हिंसा में चार महिलाओं सहित डेढ़ साल की बच्चे की मौत हुई थी। मामले में रामपाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया गया और 11 अक्तूबर को बाबा को इस केस में आईपीसी की धारा 302, 343 व 120 बी के तहत दोषी करार दिया गया।
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एक अन्य केस नंबर 430 में रामपाल को कल सजा सुनाई जाएगी। बता दें कि 16 अक्तूबर दिन मंगलवार को रामपाल का सजा सुनाए जाने के मद्देनजर हिसार को छावनी में बदल दिया गया था। जिले में 10 अक्तूबर से ही धारा-144 लागू रही। सात जिलों की पुलिस फोर्स सहित 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
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दो मर्डर केस, 3 साल 10 महीने, 136 सुनवाई
दो मर्डर केस, 3 साल 10 महीने में 136 बार सुनवाई हुई और सतलोक आश्रम का रामपाल दोषी करार। केस नंबर 429 और 430 के हत्याओं के मामलों में कुल 136 बार सुनवाई हुई। तीन साल 10 महीने और 22 दिन तक चली सुनवाई के बाद फैसला दिया गया। केस नंबर 429 के तहत मामला दर्ज होने से लेकर फैसले तक अदालत में कुल 64 बार सुनवाई हुई। केस नंबर 430 में फैसले तक कुल 72 सुनवाई अदालत में हुई।
दोनों केसों में इन सभी को दोषी करार दिया गया
केस नंबर 429 में दोषी
केस के तहत 15 आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 343 और 120बी के तहत केस दर्ज किया था। इसमें छह मुख्य आरोपियों आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना का रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढ़गांव निवासी राजेंद्र व बरवाला की बबीता के अलावा गुरुग्राम निवासी देवेंद्र, सिरसा निवासी जगदीश, पानीपत निवासी खुशहाल सिंह, जींद निवासी सतबीर व सोनू दास, सिरसा निवासी सुखबीर, भिवानी की पूनम, जींद निवासी सावित्री, गुरुग्राम के सूरत नगर का अनिल को सजा सुनाई गई है।
केस नंबर 430 में दोषी
मुकदमा नंबर 430 में 14 आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 343 और 120बी के तहत केस दर्ज किया था। मामले में आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना का रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढ़गांव निवासी राजेंद्र, बरवाला की बबीता के अलावा झज्जर निवासी कृष्ण कुमार, हिमाचल के किन्नौर निवासी बलवान व पवन, सोलन निवासी राजीव शर्मा, राजस्थान के सुमेरपुर पाली निवासी राजेश और रमेश, राजस्थान के उदयपुर वासी नटवरलाल उर्फ लक्ष्मण, कुरुक्षेत्र निवासी रामचंद्र को अदालत ने दोषी करार दिया गया है।
केस के तहत 15 आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 343 और 120बी के तहत केस दर्ज किया था। इसमें छह मुख्य आरोपियों आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना का रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढ़गांव निवासी राजेंद्र व बरवाला की बबीता के अलावा गुरुग्राम निवासी देवेंद्र, सिरसा निवासी जगदीश, पानीपत निवासी खुशहाल सिंह, जींद निवासी सतबीर व सोनू दास, सिरसा निवासी सुखबीर, भिवानी की पूनम, जींद निवासी सावित्री, गुरुग्राम के सूरत नगर का अनिल को सजा सुनाई गई है।
केस नंबर 430 में दोषी
मुकदमा नंबर 430 में 14 आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 343 और 120बी के तहत केस दर्ज किया था। मामले में आश्रम संचालक सोनीपत के गांव धनाना का रामपाल, उसका बेटा विरेंद्र उर्फ विजेंद्र, हिसार के गांव उगालन निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, भिवानी के इमलौटा गांव निवासी राजकपूर उर्फ प्रीतम, सोनीपत के गांव बढ़गांव निवासी राजेंद्र, बरवाला की बबीता के अलावा झज्जर निवासी कृष्ण कुमार, हिमाचल के किन्नौर निवासी बलवान व पवन, सोलन निवासी राजीव शर्मा, राजस्थान के सुमेरपुर पाली निवासी राजेश और रमेश, राजस्थान के उदयपुर वासी नटवरलाल उर्फ लक्ष्मण, कुरुक्षेत्र निवासी रामचंद्र को अदालत ने दोषी करार दिया गया है।
मामले में कुल 981 को बनाया था आरोपी
प्रकरण में करीब 981 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 935 को जमानत मिल चुकी है। करीब 945 ने ट्रायल फेस किया। करीब 36 लोग इस मामले में पीओ घोषित हैं। प्रकरण से रामपाल समेत जुड़े 13 लोग जेल में हैं।
दोनों केसों में कुल 70 गवाह पेश हुए
केस नंबर-429 व 430 में कुल 70 गवाह पेश किए गए। एडवोकेट राजीव सरदाना ने बताया कि केस नंबर 429 में 45 गवाह पेश किए गए, जबकि 430 नंबर केस में 25 गवाह पेश हुए थे। इनमें से अधिकांश गवाह पुलिस अधिकारी और डॉक्टर थे, जो मौके पर मौजूद थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने वाले 6 गवाहों ने बयान बदल दिए थे।
तीन बार लगाई जमानत याचिका, हर बार खारिज
रामपाल ने अपने केस की सुनवाई करने के लिए कोर्ट बदलने की अपील की थी, लेकिन उसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसी प्रकार रामपाल ने अपनी जमानत के लिए पहले जिला न्यायालय में अर्जी लगाई थी, जो खारिज होने के बाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका डाली थी। सभी जगह से उसकी जमानत की याचिका खारिज कर दी गई थी।
दोनों केसों में कुल 70 गवाह पेश हुए
केस नंबर-429 व 430 में कुल 70 गवाह पेश किए गए। एडवोकेट राजीव सरदाना ने बताया कि केस नंबर 429 में 45 गवाह पेश किए गए, जबकि 430 नंबर केस में 25 गवाह पेश हुए थे। इनमें से अधिकांश गवाह पुलिस अधिकारी और डॉक्टर थे, जो मौके पर मौजूद थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने वाले 6 गवाहों ने बयान बदल दिए थे।
तीन बार लगाई जमानत याचिका, हर बार खारिज
रामपाल ने अपने केस की सुनवाई करने के लिए कोर्ट बदलने की अपील की थी, लेकिन उसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसी प्रकार रामपाल ने अपनी जमानत के लिए पहले जिला न्यायालय में अर्जी लगाई थी, जो खारिज होने के बाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका डाली थी। सभी जगह से उसकी जमानत की याचिका खारिज कर दी गई थी।