कांस्टेबल की पत्नी ने डीएसपी पर जड़े सनसनीखेज आरोप
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अपने जानकार को शिकायतकर्ता बनाकर डीएसपी सतीश कुमार ने ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल तेजिंद्र पर रिश्वत लेते पकड़ लिया।
रिश्वत मामले में मोहाली के शिकायतकर्ता सचिन को डीएसपी सतीश कुमार ने सेक्टर 26 जीओ में कमरा बुक करवाकर दो बार रुकवाया था। यह आरोप कांस्टेबल तजिंद्र की पत्नी प्रोमिला ने प्रेसवार्ता में लगाए।
प्रोमिला ने आरोप लगाए कि डीएसपी सतीश कुमार ने ट्रैप के दौरान उनके पति कांस्टेबल को थप्पड़ मार दिए। इसके चलते पति को टेंशन हो गई और बाद में ब्रेनहैमरेज हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग के अफसर उनके पति को फंसाकर डीएसपी को बचा रहे हैं।
डीएसपी के खिलाफ प्रशासक से लेकर आईजी तक शिकायत
प्रोमिला ने कहा कि डीएसपी के खिलाफ प्रशासक से लेकर आईजी तक शिकायत दे चुकी हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। वहीं रिश्वत मामले की विभागीय जांच डीएसपी केके शर्मा कर रहे हैं।
उन्होंने सभी को बुलाकर बयान दर्ज कर लिए हैं। प्रोमिला ने आरोप लगाए कि डीएसपी के दबाव में आकर उसके पति को साजिश के तहत फंसाया गया है।
डीएसपी सतीश कुमार को शिकायत मिली थी कि खुड्डा लौहरा के पास नाकेपर तैनात कांस्टेबल तजिंद्र सिंह स्विफ्ट गाड़ी चालक सचिन से 500 रुपये मांग रहा है। गाड़ी चालक ने मौके पर सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी। डीएसपी ने 500 के नोट पर अपने हस्ताक्षर करके चालक को दिए।
प्रोमिला ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए
चालक ने 500 रुपये कांस्टेबल को दिए तो उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू कर लिया। डीएसपी ने कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया था। प्रोमिला ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
- डीएसपी सतीश कुमार ने अपने जानकार को शिकायतकर्ता क्यों बनाया
- ट्रैप लगाने से पहले डीएसपी ने किस अफसर को शिकायत दी और कौन शेडो गवाह बनाए गए
- दो बजे ट्रैप लगाकर पकड़ा गया तो सेक्टर 11 थाने में डीडीआर की एंट्री क्यों नही खड़ी की
- रात आठ बजे पति के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया, जबकि पति ड्यूटी करते रहे
- नाके पर तैनात जवानों पर उनके खिलाफ गवाही देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
- सीट बेल्ट का चालान होने पर 300 रुपये में भुगतान होता है, उसके बावजूद कांस्टेबल 500 रुपये क्यों मांगेगा