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Chandigarh News: सीएम पद को लेकर कांग्रेस में बढ़ी रार, सैलजा ने अब प्रभारी पर साधा निशाना
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हुड्डा पर टिकट वितरण को लेकर लगाती रही हैं आरोप, कहा-निष्पक्ष होना चाहिए प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों के बाद और विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर रार बढ़ गई है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में लोकसभा चुनावों में दस में से पांच सीटें जीतकर उनका खेमा उत्साहित है, वहीं दूसरी तरफ सांसद बनीं कुमारी सैलजा अचानक से आक्रामक हो गई हैं। वह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान पर टिकट वितरण से लेकर संगठन तक को लेकर निशाना साध चुकी हैं। अब उन्होंने हरियाणा के प्रभारी दीपक बावरिया को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि टिकट जिताऊ उम्मीदवार को मिलना चाहिए। इसके लिए हरियाणा प्रभारी का निष्पक्ष होना जरूरी है। सैलजा का मानना है कि बेशक सोनीपत से हम जीत गए, लेकिन हमें हरिद्वार से प्रत्याशी लाना पड़ा, दूसरा यहां से जीत का मार्जिन भी कम रहा। गुरुग्राम में कैप्टन अजय यादव के स्थान पर अभिनेता राज बब्बर और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से श्रुति चौधरी के स्थान पर राव दान सिंह को मैदान में उतारने को उन्होंने गलत ठहराया। सैलजा का मानना है कि अगर चुनाव से पहले संगठन बन जाता और टिकट सही बंटते तो कांग्रेस दस में से आठ सीटें जीत सकती थी।
बाक्स
दोनों धड़े सीएम पद के लिए जता रहे दावेदारी
इस समय हुड्डा खेमा पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को विधानसभा चुनाव में सीएम पद का चेहरा बनाने में जुटा है। वहीं, कुमारी सैलजा खुलकर मुख्यमंत्री पद पर दावा जता रही हैं। 2005 में जब हुड्डा सीएम बने थे, तो उस समय पूर्व सीएम भजनलाल के स्थान पर सैलजा ने हुड्डा का साथ दिया था। इसलिए इस बार कुमारी सैलजा खुद आगे बढ़कर इसके लिए पहल कर रही हैं। उनके समर्थक भी उनको सीएम प्रोजेक्ट करने में लगे हैं। हालांकि, कुमारी सैलजा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाह रही थीं, उनका फोकस विधानसभा चुनाव पर था। उधर, हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया कह चुके हैं कि हरियाणा में फिलहाल कोई सीएम का चेहरा नहीं है, यह काम हाईकमान का है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों के बाद और विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर रार बढ़ गई है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में लोकसभा चुनावों में दस में से पांच सीटें जीतकर उनका खेमा उत्साहित है, वहीं दूसरी तरफ सांसद बनीं कुमारी सैलजा अचानक से आक्रामक हो गई हैं। वह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान पर टिकट वितरण से लेकर संगठन तक को लेकर निशाना साध चुकी हैं। अब उन्होंने हरियाणा के प्रभारी दीपक बावरिया को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि टिकट जिताऊ उम्मीदवार को मिलना चाहिए। इसके लिए हरियाणा प्रभारी का निष्पक्ष होना जरूरी है। सैलजा का मानना है कि बेशक सोनीपत से हम जीत गए, लेकिन हमें हरिद्वार से प्रत्याशी लाना पड़ा, दूसरा यहां से जीत का मार्जिन भी कम रहा। गुरुग्राम में कैप्टन अजय यादव के स्थान पर अभिनेता राज बब्बर और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से श्रुति चौधरी के स्थान पर राव दान सिंह को मैदान में उतारने को उन्होंने गलत ठहराया। सैलजा का मानना है कि अगर चुनाव से पहले संगठन बन जाता और टिकट सही बंटते तो कांग्रेस दस में से आठ सीटें जीत सकती थी।
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दोनों धड़े सीएम पद के लिए जता रहे दावेदारी
इस समय हुड्डा खेमा पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को विधानसभा चुनाव में सीएम पद का चेहरा बनाने में जुटा है। वहीं, कुमारी सैलजा खुलकर मुख्यमंत्री पद पर दावा जता रही हैं। 2005 में जब हुड्डा सीएम बने थे, तो उस समय पूर्व सीएम भजनलाल के स्थान पर सैलजा ने हुड्डा का साथ दिया था। इसलिए इस बार कुमारी सैलजा खुद आगे बढ़कर इसके लिए पहल कर रही हैं। उनके समर्थक भी उनको सीएम प्रोजेक्ट करने में लगे हैं। हालांकि, कुमारी सैलजा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाह रही थीं, उनका फोकस विधानसभा चुनाव पर था। उधर, हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया कह चुके हैं कि हरियाणा में फिलहाल कोई सीएम का चेहरा नहीं है, यह काम हाईकमान का है।
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