जज्बा: महिलाओं को 'मर्दानी' बना रहीं एसपी
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कोई लड़की या महिला किसी मनचले के जुल्म का शिकार न हो और स्वयं अपनी सुरक्षा कर सके। इसके लिए एसपी संगीता कालिया ने बीड़ा उठाया है। एसपी की महिलाओं को प्रशिक्षित करने की मुहिम में महिलाओं ने भी उत्साह दिखाया है और स्कूल की छात्राओं समेत करीब 2200 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
महिलाओं को थाने में जाकर चक्कर न काटने पड़े इसलिए अब पुलिस लाइन में ही हर शनिवार को महिला दरबार भी लगाया जाएगा। एसपी के प्रयास के बाद निजी स्कूल भी आगे आए हैं। उन्होंने इसे कक्षाओं में सब्जेक्ट के तौर पर शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
पुलिस लाइन में महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कैंप शुरू करने के पीछे भी एक अनोखा कारण यह है कि इसे शुरू करने के लिए एसपी को खुद आगे आना पड़ा।
एसपी कालिया ने बताया कि उनके पास कार्यालय में एक संचालक कोचिंग सेंटर के उद्घाटन के लिए आमंत्रण पत्र देने आया था। एसपी कालिया ने जब ट्रेनर से पूछा कि वे जहां पर कोचिंग देते हैं, वहां गरीब लड़कियों को भी कोचिंग दे सकते हैं। ट्रेनर का कहना था कि उनका प्रोफेशनल काम है।
महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा के दांव पेंच सिखा रहीं हैं
इसके बाद एसपी कालिया ने गरीब लड़कियों और महिलाओं की समस्याओं को ध्यान में रखकर यह शुरूआत की। इसके बाद पुलिस लाइन में 2200 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जहां पर हर शनिवार और रविवार को महिलाओं और लड़कियों को पुलिस अधीक्षक स्वयं, महिला ट्रेनर अरुणा और सुमन आत्मरक्षा के दांव पेंच सीखा रही हैं।
एसपी संगीता कालिया को इस मुकाम पर पहुंचाने में उनके पिता का विशेष सहयोग रहा है। एसपी कालिया के पिता भी पुलिस विभाग में काम कर चुके हैं।
एसपी कालिया जिस हॉल में महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा के दांव पेंच सिखा रहीं हैं, उस हॉल का उनके पिता ने खुद पेंट और डिजाइन किया था। एसपी कालिया ने बताया कि कैंप के दौरान जब वह पहली बार इस हॉल में आईं तो उनकी आंखें भर आईं।