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नगर निगम सेलवेल को ही देगा ठेका
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Feb 2014 08:48 AM IST
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टायलेट ब्लाक का ठेका मेसर्स सेलवेल मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को देने का प्रस्ताव नगर निगम ने पारित कर दिया है।
इस विवादित मामले में नगर निगम की बैठक में बुधवार को पक्ष में 13 और विरोध में 9 वोट पड़े। भाजपा के ज्यादातर पार्षदों ने इसके विरोध में वोट दिया, जबकि डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने इसका समर्थन किया।
बैठक में पारित प्रस्ताव के मुताबिक 80 टायलेट ब्लाक का ठेका सेलवेल कंपनी को पांच साल के लिए 12,888 रुपये प्रति माह के हिसाब से दिया गया है।
इसमें हर साल दस फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इस मुद्दे पर बहस में अरुण सूद, सतिंदर सिंह, सौरभ जोशी, देवेश मोदगिल, कांग्रेस के प्रदीप छाबड़ा, दर्शन गर्ग, सतीश कैंथ, सत प्रकाश अग्रवाल मनोनीत एमपी कोहली ने हिस्सा लिया।
सब मिलीभगत
सेलवेल कंपनी से नगर निगम को नौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें मिलीभगत है। इसकी जांच होनी चाहिए। टेंडर रद कर दोबारा जारी होने चाहिए। सेलवेल से नगर निगम सारे पैसे वसूल करे।
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-सतिंदर सिंह, पार्षद, भाजपा
रिकवरी बने तो करो
मामला बड़ा बन गया है। कंपनी पर रिकवरी बनती है तो की जानी चाहिए। टैंडर कैंसल नहीं होने चाहिए। वर्ष 2007 में फाइलें सीबीआई ले गई है।
-प्रदीप छाबड़ा, पूर्व मेयर, कांग्रेस
जांच हो
इस पूरे मामले की विभागीय स्तर पर जांच होनी चाहिए। दोषियों को सजा मिले। नए सिरे से कमेटी बनाकर गाइडलाइन बनाई जाए।
-अरुण सूद, पार्षद, भाजपा
पक्ष में मतदान करने वाले
मेयर हरफूल चंद्र कल्याण, भाजपा नेता और डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, प्रदीप छाबड़ा, दर्शन गर्ग, सतीश कुमार कैंथ, शीला देवी, गुरबख्श रावत, मनोनीत एमपी कोहली, बाबूलाल, अनूप सनी गिल, मेजर डीएस संधू, सत प्रकाश अग्रवाल और शगुफ्ता परवीन।
विरोध में मतदान करने वाले
अरुण सूद, राजेश गुप्ता, आशा जसवाल, देशराज गुप्ता, सौरभ जोशी, सतिंदर सिंह, रजिंदर कौर रत्तू, जन्नत जहां और नरेश कुमार।
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इस विवादित मामले में नगर निगम की बैठक में बुधवार को पक्ष में 13 और विरोध में 9 वोट पड़े। भाजपा के ज्यादातर पार्षदों ने इसके विरोध में वोट दिया, जबकि डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने इसका समर्थन किया।
बैठक में पारित प्रस्ताव के मुताबिक 80 टायलेट ब्लाक का ठेका सेलवेल कंपनी को पांच साल के लिए 12,888 रुपये प्रति माह के हिसाब से दिया गया है।
इसमें हर साल दस फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इस मुद्दे पर बहस में अरुण सूद, सतिंदर सिंह, सौरभ जोशी, देवेश मोदगिल, कांग्रेस के प्रदीप छाबड़ा, दर्शन गर्ग, सतीश कैंथ, सत प्रकाश अग्रवाल मनोनीत एमपी कोहली ने हिस्सा लिया।
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सब मिलीभगत
सेलवेल कंपनी से नगर निगम को नौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें मिलीभगत है। इसकी जांच होनी चाहिए। टेंडर रद कर दोबारा जारी होने चाहिए। सेलवेल से नगर निगम सारे पैसे वसूल करे।
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-सतिंदर सिंह, पार्षद, भाजपा
रिकवरी बने तो करो
मामला बड़ा बन गया है। कंपनी पर रिकवरी बनती है तो की जानी चाहिए। टैंडर कैंसल नहीं होने चाहिए। वर्ष 2007 में फाइलें सीबीआई ले गई है।
-प्रदीप छाबड़ा, पूर्व मेयर, कांग्रेस
जांच हो
इस पूरे मामले की विभागीय स्तर पर जांच होनी चाहिए। दोषियों को सजा मिले। नए सिरे से कमेटी बनाकर गाइडलाइन बनाई जाए।
-अरुण सूद, पार्षद, भाजपा
पक्ष में मतदान करने वाले
मेयर हरफूल चंद्र कल्याण, भाजपा नेता और डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, प्रदीप छाबड़ा, दर्शन गर्ग, सतीश कुमार कैंथ, शीला देवी, गुरबख्श रावत, मनोनीत एमपी कोहली, बाबूलाल, अनूप सनी गिल, मेजर डीएस संधू, सत प्रकाश अग्रवाल और शगुफ्ता परवीन।
विरोध में मतदान करने वाले
अरुण सूद, राजेश गुप्ता, आशा जसवाल, देशराज गुप्ता, सौरभ जोशी, सतिंदर सिंह, रजिंदर कौर रत्तू, जन्नत जहां और नरेश कुमार।